स्वास्थ्य : नोखा के मुकाम में स्वास्थ्य सेवाओं में अव्यवस्थाएं, सीएमएचओ ने जताया असंतोष, अनुपस्थित मिले कार्मिक - Nidar India

स्वास्थ्य : नोखा के मुकाम में स्वास्थ्य सेवाओं में अव्यवस्थाएं, सीएमएचओ ने जताया असंतोष, अनुपस्थित मिले कार्मिक

भीषण गर्मी के बीच नोखा में स्वास्थ्य सेवाओं की पड़ताल, थमाए कार्मिको नोटिस 

बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज। 

जिले में इन दिनों लू के थपेड़े चल रहे हैं। भीषण गर्मी का दौर है। ऐसे में ब्लॉक स्तर के स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सा सेवाओं का जायजा लेने के लिए निकले मुख्य चिकित्सा एवं स्थास्थ्य अधिकारी डॉ.पुखराज के सामने अव्यवस्थाएं सामने आई। कई स्थानों पर कार्मिक नदारद मिले, इससे सीएमएचओ ने रोष जताया और कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बढ़ती गर्मी और लू-तापघात की आशंकाओं के बीच चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य संस्थानों की मॉनिटरिंग और सख्ती बढ़ा दी है। रविवार को अवकाश के बावजूद नोखा और पांचू ब्लॉक के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बिना सूचना अनुपस्थित मिले कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। डॉ. साध के साथ नोखा खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कैलाश गहलोत और पांचू खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामरतन बिस्नोई भी मौजूद रहे।

मुकाम सीएचसी में मिली खामियां, काकड़ा की व्यवस्थाओं पर जताया संतोष:
सीएमएचओ की टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुकाम, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हिम्मतसर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र काकड़ा का दौरा किया। डॉ. साध ने मुकाम केंद्र पर साफ-सफाई की कमी, पर्दे, बेडशीट और अन्य अव्यवस्थाओं को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने चिकित्सा अधिकारी प्रभारी को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने और प्रसव सेवाएं प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हिम्मतसर में व्यवस्थाओं को और बेहतर करने की हिदायत दी गई, जबकि काकड़ा केंद्र की व्यवस्थाओं पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।

हीटवेव प्रबंधन और दवाइयों की उपलब्धता:
निरीक्षण के दौरान लू-तापघात से निपटने की तैयारियों को विशेष रूप से परखा गया। डॉ. साध ने मरीजों के लिए आरक्षित बेड, शीतल पेयजल और कूलर-पंखों की उपलब्धता जांची। उन्होंने निर्देश दिए कि ओआरएस, आईवी फ्लूड और अन्य आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक हर समय उपलब्ध रहे। मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद कर दवाइयों की निशुल्क उपलब्धता और स्टाफ के व्यवहार का फीडबैक भी लिया गया।

टीकाकरण और मुख्यालय पर उपस्थिति के निर्देश:
डॉ. साध ने 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु लगाए जा रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान की समीक्षा की और टीकाकरण की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी कि वे अनिवार्य रूप से मुख्यालय पर निवास करें। भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाएं 24 घंटे सुचारू रहनी चाहिए। अस्पतालों में स्वच्छता, अनुशासन और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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