बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।
शहर में बुधवार को गणेश चतुर्थी का पर्व बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। सुबह से ही गणेश मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। वहीं घरों में बुद्धि-सिद्धि के देवता का पूजन किया गया। घरों में मुख्य प्रवेश द्वार के ऊपर विराजमान गणपति का पूजन कर भोग लगाया गया।
श्रद्धालुओं ने प्रथम पूज्य गणपति बप्पा को लड्डू और मोदकों का भोग अर्पित किया। कई मंदिरों में 56 भोग की झांकी भी सजाई गई। पंडितों द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना करवाई गई। ढोल-नगाड़ों और “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा।

सुबह 5 बजे मंगला आरती के बाद से ही भक्तों का आना शुरू हो गया था, जो देर रात तक जारी रहा। महिलाओं, बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया। कई परिवार अपने बच्चों के साथ नए वस्त्रों में दर्शन करने पहुंचे।
भीड़ को देखते हुए मंदिर समितियों और पुलिस प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की गई थी। मंदिरों के बाहर प्रसाद और फूल-मालाओं की दुकानों पर भी काफी चहल-पहल रही। इधर, घरों में भी लोगों ने गणेश जी की मूर्ति स्थापित कर पूजा की।

शहर में बीकानेर के प्रसिद्ध गढ़ गणेश मंदिर, बड़ा गणेशजी मंदिर, इक्सिया गणेशजी, कान गणेश, भालचंद्र गणेश, उदयरामसर स्थित गणेश धोरा सहित मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। साथ ही शहर में कई स्थानों पर गणेश पंडालों में गणेशजी की प्रतिमाएं स्थापित की गई। जहां दिनभर दर्शन के लिए भीड़ लगी रही।





