जैसलमेर रोड पर भक्तों की रेलमपेल, परवान पर है सेवादारों का जज्बा
बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।
“तू चाल रुणीचे चाल…तू चाल रुणीचे चाल, एक दिन तो सुणसी..तू मंदिर डेरा डाल…एक दिन तो सुणसी…ख्यातिनाम गायक रफीक सागर के इस भजन की पंक्तियां राष्ट्रीय राज मार्ग पर साकार हो रही है। रविवार को लोक देवता बाबा रामदेवजी का प्राकट्य दिवस होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का पैदल जत्था हाथो में ध्वजाएं लेकर आगे बढ़ रहा है। जयकारों के साथ भक्ति की सरिता बह रही है।


दूर तक बाबा रामदेवजी की ध्वजा पताके ही लहराती हुई दिखाई दे रही है। वहीं सेवादारों का जज्बा भी देखते ही बन रहा है। राष्ट्रीय राज मार्ग के किनारे दूर तक सेवा शिविर लगे हैं, जहां पर पदयात्रियों की सेवा के लिए सेवादार तत्पर है।
तेज धूप भी नहीं रोक पाई कदम…
लोक देवता बाबा रामदेवजी की भक्ति और आस्था अटूट है। यही वजह है कि दूर दराज हाथो में बड़ी-बड़ी ध्वजाएं लेकर पूरे उत्साह और जोश के साथ जयकारें लगाते हुए आगे बढ़ रहे श्रद्धालुओं के कदम तल्ख धूप और गर्मी भी नहीं रोक पा रही है। गर्मी को धत्ता बताते हुए श्रद्धालु आगे बढ़ रहे हैं।
कदम-कदम पर है सेवा…
रामदेवरा के लिए पैदल जाने वाले आस्थावान श्रद्धालुओं के लिए बीकानेर से रामदेवरा तक पग-पग पर सेवा शिविर लगे हैं। जहां पर चाय-नाश्ता, भोजन, दवाइयां तक की सेवा की जा रही है। वहीं शीतल जल की व्यवस्था रास्ते में हर जगह दिख रही है। रामदेवरा पैदल जाने वाले श्रद्धालुओं का दूर-दराज के गांवों से भी आ रहा है।
महानगरों से पहुंचे सेवादार…
रामदेवरा जाने वाले पदयात्रियों की सेवा में महानगरों से बड़ी संख्या में संस्थाएं बीकानेर आई है। संस्थाओं के जत्थे सेवा के लिए निकल पड़े हैं। कोलकाता से हर साल की भांति इस बार भी रामदेव मित्र मंडल का दल बीकानेर पहुंचने के बाद दियातरा के समीप सेवा शिविर शुरू कर दिया है। कोलकाता के अलावा दिल्ली, चैन्नई, मुम्बई, हैदराबाद, सूरत सहित महानगरों से बड़ी संख्या में सेवादार पहुंचे हैं।
फोटो : बीजी बिस्सा।




