बीकानेर, कोलकाता डेस्क, निडर इंडिया न्यूज।

मां भगवती की आराधना का पर्व नवरात्रा महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इसी अवसर पर कोलकाता महानगर में इन दिनों दुर्गापूजा महोत्सव की धूम है। महानगर में इस बार भी भव्य रूप में दुर्गा पूजा मनाई जा रही है। एक से बढ़कर एक भव्य पंडाल सजे है, जो आस्थावान लोगों के आकर्षण का केन्द्र है।
विश्व प्रसिद्ध दुर्गापूजा को देखने के लिए भारत सहित विदेशों में रहने वाले प्रवासी भी कोलकाता पहुंचते हैं। इस बार भी कई पंडालों की विशेष थीम सभी को अपनी और खींच रही है। वहीं महानगर की तर्ज पर ही बीकानेर में भी दुर्गापूजा की धूम है। रानी बाजार के बंगाली मंदिर, औद्योगिक क्षेत्र सहित भीतरी परकोटे के कई मोहल्लों में दुर्गा पूजा की प्रतिमा स्थापित की गई है। जहां पर शाम ढलते ही श्रद्धालुओं का तांता लगने लगता है।

कोलकाता में साकार हुई राजस्थान की संस्कृति…
दक्षिण कोलकाता के शिव मंदिर सर्वोजनिन दुर्गोत्सव समिति की ओर से इस बार “परब” थीम पर पंडाल सजाया गया है। जहां पर राजस्थान की संस्कृति साकार हो रही है। इस पंड़ाल में विशेष रूप से राजस्थान का मुख्य पर्व गणगौर उत्सव को साकार किया गया है। वहीं इसमें मांडना आर्ट और फड़ चित्रकारी भी देखने को मिलेगी। समिति ने अपने 90 वें वर्ष को यादगार बनाने के लिए इस बार विशेष पंड़ाल तैयार किया है। वर्ष 1936 में स्थापित यह पूजा पंडाल इस बार राजस्थानी मिट्टी की खुशूब बिखर रहा है। हर कोई इसको देखकर भावविभोर हो रहा है।

पंडाल के मुख्य द्वार पर गणगौर की शोभायात्रा का दृश्य है, जहाँ महिलाएं सिर पर ईसर-गणगौर की मूर्तियां रखकर दिखाई गई है। अंदर माँ दुर्गा की प्रतिमा के चारों ओर जवारा (गेहूं के अंकुर) और सैकड़ों दीये लगाए गए हैं, जो शक्ति उपासना के दोनों रूपों – बंगाल की दुर्गा पूजा और राजस्थान की गणगौर की एकता को दर्शाते हैं।
बीकानेर में साकार है संस्कृति…

बीकानेर में भी बंगाल की तर्ज पर हर साल दुर्गापूजा मनाई जा रही है। इस बार भी शहर में मोहता चौक, नत्थूसर गेट के अंदर, तेलीवाड़ा, लखोटिया चौक, बेनीसर बारी के साथ ही रानी बाजार के औद्योगिक क्षेत्र, प्राचीन बंगाली मंदिर में दुर्गापूजा महोत्सव उत्साह और आस्था के साथ मनाया जा रहा है।

बंगाली मंदिर में पूजा-अर्चना सहित सभी विधि विधान बंगाली संस्कृति के अनुरुप ही हो रही है। यहां पर मां दुर्गा की विशाल प्रतिमा बनाई गई है।
फोटो : एसएन जोशी।





