आस्था : भागवत कथा हृदय को करती है जागृत, पहले दिन की कथा में डॉ.गोपाल नारायण, कलश यात्रा से माहौल हुआ भक्तिमय - Nidar India

आस्था : भागवत कथा हृदय को करती है जागृत, पहले दिन की कथा में डॉ.गोपाल नारायण, कलश यात्रा से माहौल हुआ भक्तिमय

बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज। 

कार्तिक माह में धार्मिक अनुष्ठान चल रहे हैं। कई स्थानों पर भागवत कथा के आयोजन चल रहे हैं। जस्सोलाई (व्यास पार्क) के क्षेत्र में स्थित भैया निवास में आज से श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ शुरू हुआ। इस अवसर पर  मानेश्वर शिव मंदिर से कथास्थल तक गाजे बाजे के साथ कलश (शोभायात्रा ) निकाली गई, इसमें महिलाएं और पुरुषों ने भागीदारी निभाई।

भागवताचार्य डॉ.गोपाल नारायण व्यास ने पहले दिन की कथा की सप्रसंग व्याख्या की। उन्होंने कहा कि मृत्यु को जानने से मृत्यु का भय मन से मिट जाता है, जिस प्रकार परीक्षित ने भागवत कथा का श्रवण कर अभय को प्राप्त किया। वैसे ही भागवत जीव को अभय बना देती है। पं.व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा परमात्मा का अक्षर स्वरूप है। यह परमहंसों की संहिता है, भागवत कथा हृदय को जागृत कर मुक्ति का मार्ग दिखाता है।

यह कथा भगवान के प्रति अनुराग उत्पन्न करती है। यह ग्रंथ वेद, उपनिषद का सार रूपी फल है। भागवत  का अर्थ करते हुए कहा कि भक्ति, ज्ञान व वैराग्य के द्वारा ही जीव का कल्याण संभव है और इसकी पूर्णता के लिए सद्गुरु की शरण को ग्रहण करना चाहिए। मनुष्य के दैहिक व भौतिक तापों को नष्ट करने वाली औऱ जीवन मे ज्ञानमंगल सुख प्रदान करने वाली श्रीमद्भागवत कथा मोक्ष को प्रदान करने वाली है। भागवत कथा मनुष्य को दैविक पुण्य प्रदान करने के साथ निष्काम भक्ति के भाव से जोड़ती है।

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