बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।

गंगाशहर रोड़ स्थित शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (यूसीएचसी) का शनिवार को सीएमएचओ डॉ.पुखराज साध ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
उनके साथ पीसीपीएनडीटी समन्वयक महेंद्र सिंह चारण भी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सकों एवं स्टाफ को क्षेत्रवासियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने, विशेष रूप से उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान कर उनके जोखिम को कम करने तथा सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

जच्चा-बच्चा दोनों का पूरा खयाल…
यूसीएचसी गंगाशहर में वर्तमान में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमनलता खत्री, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र पारीक, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील खत्री तथा पैथोलॉजिस्ट डॉ. गरिमा की नियमित विशेषज्ञ ओपीडी सेवाएं उपलब्ध हैं।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के तहत गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं की पहचान, फेरिक कार्बॉक्सी माल्टोज (एफसीएम) इंजेक्शन, आवश्यक परामर्श तथा सुरक्षित मातृत्व से जुड़ी समस्त ओपीडी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बच्चों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं संपूर्ण टीकाकरण की सुविधा भी अस्पताल में नियमित रूप से दी जा रही है।
निःशुल्क दवा और जांच का है पुख्ता इंतजाम
यहां जिले की हब एंड स्पोक मॉडल के अंतर्गत स्थापित मदर लैब भी संचालित है, जिसके माध्यम से वर्तमान में 69 प्रकार की निःशुल्क जांचें उपलब्ध हैं। इनमें सीबीसी, हीमोग्लोबिन, टीएलसी, डीएलसी, रक्त एवं मूत्र जांच, मलेरिया रैपिड, शुगर, लिपिड प्रोफाइल, किडनी प्रोफाइल, लीवर प्रोफाइल जैसी महत्वपूर्ण जांचें शामिल हैं। मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के अंतर्गत अस्पताल के दवा काउंटर पर 330 प्रकार की आवश्यक दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
दंत सुरक्षा व तंबाकू अवसान
दंत चिकित्सा इकाई में डॉ सुनील खत्री द्वारा दांतों की जांच, फिलिंग, एक्सट्रैक्शन, तंबाकू व्यसनियों को तंबाकू छुड़वाने की काउंसलिंग तथा एनआरटी थेरेपी सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
गौरतलब है कि कम समय में ही इस अस्पताल ने स्वास्यथ सेवाओं के कारण क्षेत्रवासियों का विश्वास अर्जित किया है। एक वर्ष पूर्व केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा नवनिर्मित भवन में सेवाओं का लोकार्पण किया गया था तब से विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, अत्याधुनिक जांच सुविधाओं एवं निःशुल्क दवा वितरण के कारण मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।






