बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।


बीकानेर पापड़ भुजिया उद्योग के प्रतिनिधि मंडल ने संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त को पापड़ उद्योग में कार्यरत महिलाओं की मजदूरी दरों एवं कार्य व्यवस्था से संबंधित विषय पर वार्ता कर उद्योग की वास्तविक परिस्थितियों से अवगत कराया।

बीकानेर पापड़ भुजिया उद्योग के अध्यक्ष वेद प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि पापड़ उद्योग को गृह उद्योग का स्वरूप प्राप्त है, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं अपनी सुविधा, आवश्यकता एवं उपलब्ध समय के अनुसार स्वेच्छा से कार्य करती हैं। महिलाओं को इस कार्य के लिए किसी प्रकार के बंधन, निगरानी अथवा निश्चित कार्य अवधि में नहीं रखा जाता और वे अपने घरों से ही कार्य संपादित करती हैं।

वार्ता में बताया गया कि अधिकांश औद्योगिक इकाइयों की ओर से महिलाओं को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से नियोजित नहीं किया जाता है। संस्थान ने स्पष्ट किया कि महिलाओं पर किसी भी प्रकार का नियंत्रण, पर्यवेक्षण अथवा अनिवार्य कार्य व्यवस्था लागू नहीं होती। महिलाएं अपनी इच्छा एवं सुविधा के अनुसार विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के लिए कार्य कर सकती हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि होती है। साथ ही किसी भी इकाई द्वारा उन्हें निश्चित समय तक कार्य करने के लिए बाध्य नहीं किया जाता।



संस्थान ने श्रम विभाग से आग्रह किया है कि पापड़ उद्योग की विशिष्ट कार्यप्रणाली एवं गृह उद्योग की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए वार्ता में प्रस्तुत तथ्यों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए तथा उद्योग एवं इससे जुड़े परिवारों के हित में न्यायोचित निर्णय लिया जाए। इस दौरान दुपट्टा पहनाकर व गुलदस्ता देकर संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त का सम्मान किया गया।
इस अवसर पर किशन लाल बोथरा, कमल बोथरा, दाऊ लाल अग्रवाल, श्रम संयुक्त आयुक्त महेन्द्र खड़गावत, ईएसआई से प्रयाग, फैक्ट्री एवं बॉयलर से सृष्टि, ईपीएफ डिपार्टमेंट से अधिकारी तथा श्रम विभाग के सचिव धनेश माकर मौजूद रहे।
बीछवाल इंडस्ट्रियल एरिया, रानी बाजार इंडस्ट्रियल एरिया के कपड़े व पापड़ के व्यापारी तथा करणी नगर इंडस्ट्रियल एरिया के सभी व्यापारियों ने भी अपनी बात रखी।







