बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।





” खंभ फाड़ प्रकटे हरि, यह अचरज तेरी माया…नाथ कैसे नृसिंह रूप धराया…भक्त प्रहलाद बचाया…भक्त की पुकार सुनकर जगत के पालनकर्ता साक्षात विष्णु भगवान ने नृसिंह रूप धारण किया और खंभ फाड़कर प्रकट हुए। अपने भक्त को बचाया और अधर्मी हिरण्यकश्यप का वध किया।
यह सजीव लीला आज बीकानेर शहर के कई मोहल्लों में साकार हुई। अवसर था नृसिंह चतुर्दशी के मेले के आयोजन का। नृसिंह चतुर्दशी के अवसर पर आज सुबह से ही नृसिंह मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी रहा। मंदिरों में पंचामृत से भगवान सालिग्राम जी का अभिषेक किया गया। शृंगार के बाद पूजा अर्चना हुई। शाम पांच बजे के बाद में शहर में “हिरणा-कृष्णा, गोविन्दा प्रहलाद भजे …के करतल स्वर गूंज उठे।

काले वस्त्र, चेहरे पर मुखौटा और हाथ में कपड़े से बना कोड़ा लिये हिरण्कश्यप सड़कों पर उतर आया। सामने भक्त प्रहलाद मंच पर विराजमान थे। हिरण्कश्यप उन्हें ललकार रहा था, नगाड़ों की ताल पर नृत्य करता रहा। बाद में नृसिंह का रूप धारण कर खंभ फाड़कर साक्षत हरि प्रकट हुए और हिरण्कश्यप का वध किया।

इस दौरान चारों और जयकारें गूंज उठे। पुष्पों की वर्षा हुई। नृसिंह-हिरण्कश्यप की कुश्ती देखते ही बन रही थी, बार-बार हिरण्कश्यप अपना कोड़ा घूमाकर लोगों पर वार करता, तो लोग दूर भागते, वो नृसिंह भगवान की ओर दौड़ता और उन पर कोड़ा तानता। वहीं दूसरी ओर भगवान नृसिंह जिनका स्वरूप सिंह सरीखा था, वे अपनी गोद में उठाए हिरण्कश्यप को ललकार रहे थे।

यह अदुभूत लीला देखने के लिए अलग-अलग मोहल्लों में सैकड़ों की तादाद में लोग एकत्रित हुए। मंदिर में शाम को हिरण्कश्यप वध के बाद आरती हुई। पंचामृत का वितरण किया गया।

इससे पूर्व दोपहर में डागा चौक स्थित प्राचीन मंदिर में पंचामृत से स्नान कराने के बाद भगवान नृसिंह का मोगरा के पुष्पों से शृंगार किया गया। दोपहर आरती हुई। पुजारी मनोज पांड़िया ने शृंगार आरती की। वहीं नत्थूसर गेट बाहर स्थित रंगा ठाकुर के नृसिंह भैरव मंदिर में आज सुबह पंचामृत से अभिषेक के बाद आरती की गई। शाम मेला भरा। आयोजन को लेकर जेठमल रंगा सहित लोगों ने भागीदारी निभाई। लखोटिया चौक और लालाणी व्यासों के चौक में स्थित मंदिरों में भी सुबह पहले पंचामृत से अभिषेक करने के बाद आरती हुई। शाम को मेले भरे। पंचामृत का वितरण किया गया।
यहां भरे मेले…


नृसिंह चतुर्दशी पर डागा चौक, लखोटिया चौक, लालाणी व्यासों का चौक, नत्थूसर गेट बाहर, फरसोलाई, दुजारियों की गली, दम्माणी चौक, जस्सोलाई, रत्ताणी व्यासों का चौक, जस्सूसर गेट सहित कई क्षेत्रों में आज नृसिंह जयंती पर मेला भरा। नृसिंह-हिरण्कश्यप की लीला को देखने के लिए गली-मोहल्लों में भारी भीड़ रही। मंदिरों के आसपास के घरों पर भी भीड़ रही।

डागा चौक में कल होगा छप्पन भोग…
श्री नृसिंह लीला शताब्दी वर्ष समारोह के उपलक्ष्य में शु्क्रवार को डागा चौक स्थित मंदिर में सुबह और शाम छप्पन भोग का मनोरथ होगा। पुजारी मनोज पांड़िया ने बताया कि भगवान श्री नृसिंह जी के 121 से भी अधिक व्यंजनो का भोग अर्पित किया जाएगा। सुबह 06 बजे से 10 :30 बजे तक पहला छप्पन भोग और शाम 06 बजे से रात्रि शयन झांकी तक प्रभु के दूसरा छप्पन भोग दर्शन होगा।
फोटो : एसएन जोशी।





