बीकानेरNidarIndia.com धुलंडी के दिन से शुरू हुआ बालि गणगौर पूजन की पूर्णाहुति शुक्रवार को हुईं। इस मौके पर शहर में कई स्थानों पर गणगौर के मेले भरे। शुक्रवार के दिन बडी संख्या में बालिकाओं ने गणगौर विसर्जन की परम्परा निभाई, वहीं आज दूसरे दिन भी बालिकाऔं ने गाजे-बाजे के साथ गणगौर को विदाई दी।

इस मौके पर षहरभर में महौल भक्तिमय रहा। शनिवार से विवाहिता महिलाओं ने अपने-अपने घरों में धींगा गणगौर का पूजन शुरू किया। यह पूजन एक पखवाडे तक चलेगा। बालि गण्गाौर का मेला जस्सूसर गेट के अंदर, चौतीना कुआं, गोपेष्वर बस्ती, नत्थूसरबास, गंगाषहर-भीनासर सहित विभिन्न क्षेऋों में भरा। एक पखवाडे गणगौर पूजन के बाद बालिकाओं ने गणगौर माता को गाजे बाजे के साथ विदाई देकर अगले साल फिर से आने का आग्रह किया।
गूंज रहे है गणगौर के गीत…
बलि गणगौर की विदाई के साथ ही धींगा गणगौर का पूजन शरू हो गया है। यह एक पखवाडे तक चलेगा। इसी दौरान बारहमासा गणगौर माता का पूजन भी किया जाएगा। वहीं इन दिनों गणगौर के गीतों की षहर में गूंज है। पुरूष गायन मंडलियां घर-घर जाकर गणगौर के गीतों का गुणगान कर रहे हैं। शुक्रवार को कई स्थानों पर गण्गौर के उद्यापन के अनुष्ठान भी हुए।

ढढ्ढ़ो के चौक में मेला…
ढढ्ढ़ो के चौक में परम्परा के अनुसार आज दूसरे दिन भी गणगौर का मेला भरेगा। जहां पर महिलाएं गणगौर की प्रतिमा के आगे नृत्य कर अपनी मन्नत मांगती है। सिख से नख तक सजी-संवरी गणगौर प्रतिमा के दर्शन के लिए दूर दराज से लोग पहुंचते हैं।
फोटो-एसएन जोशी






