एचपीवी टीकाकरण अभियान को गति देने के लिए शिक्षा विभाग के साथ रणनीति तय

बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद बीकानेर शैलेजा पांडे के निर्देशानुसार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग एवं शिक्षा विभाग की संयुक्त बैठक शनिवार को बीकानेर पंचायत समिति सभागार में हुई। इस दौरान एचपीवी टीकाकरण अभियान की प्रगति एवं आगामी कार्ययोजना को लेकर रणनीति तय की गई। बैठक में बीकानेर शहर के सभी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसमें जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भवानी शंकर गहलोत, यूएनडीपी के कार्यक्रम अधिकारी योगेश शर्मा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी तथा बीकानेर शहरी क्षेत्र के समस्त राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे। इस दौरान सभी प्रधानाचार्यों ने अपने-अपने विद्यालयों में अध्ययनरत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों की संख्या की जानकारी प्रस्तुत की तथा उन्हें एचपीवी टीकाकरण के लिए प्रेरित करने की कार्ययोजना साझा की।

डॉ. गहलोत ने प्रतिभागियों को ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) संक्रमण, इसके दुष्प्रभाव, बचाव के उपाय तथा एचपीवी टीकाकरण के महत्व पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। डॉ. गहलोत ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार बड़े विद्यालयों में चिकित्सकीय टीम द्वारा कैंप मोड पर पहुंचकर मौके पर ही एचपीवी टीकाकरण की सुविधा प्रारंभ कर दी गई है।
सभी विद्यालय अपनी सुविधा के अनुसार निकटतम शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से समन्वय स्थापित कर विद्यालय परिसर में ही टीकाकरण शिविर आयोजित कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि भारत में महिलाओं में स्तन कैंसर के बाद सर्वाधिक पाया जाने वाला कैंसर गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर है, जिससे बचाव का सबसे प्रभावी एवं सुरक्षित माध्यम एचपीवी टीकाकरण है।
योगेश शर्मा ने टीकाकरण अभियान के तकनीकी पहलुओं, पात्रता, माइक्रोप्लानिंग एवं रिकॉर्ड संधारण की जानकारी देते हुए अभियान के सफल संचालन में शिक्षा विभाग की सक्रिय भूमिका पर बल दिया।
उल्लेखनीय है कि जिला कलक्टर श्री निशांत जैन के निर्देशानुसार मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद श्रीमती शैलेजा पांडे अभियान की नियमित मॉनिटरिंग कर रही हैं। बीकानेर जिले में अब तक 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की 7,819 किशोरियां निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण का लाभ प्राप्त कर चुकी हैं।






