कई इलाकों में दो-तीन बार भी काटी जा रही है, गर्मी में होती है परेशानी





बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।
नहरबंदी के कारण पेयजल संकट है। इससे निपटने के लिए जलदाय विभाग एक-एक दिन के अन्तरराल से पानी की सप्लाई दे रहा है, लेकिन लोगों के घरों तक पूरा पानी नहीं पहुंच पा रहा है। प्रेशर की समस्या सामने आ रही है, वहीं बूस्टर लगाने वाले भी बाज नहीं आ रहे हैं। इसका हल निकालने के लिए प्रशासन पानी सप्लाई के समय बिजली काटने के आदेश जारी कर रखे हैं।
ऐसे में जिस दिन पानी की सप्लाई होती है, उस समय में करीब 45 मिनिट तक उस इलाके में बिजली काटी जाती है, लेकिन जलदाय विभाग अलग-अलग समय में पानी देता है। ऐसे में कई इलाके ऐसे है, जिनका सब स्टेशन निर्धारित है, लेकिन पानी सप्लाई का समय अलग है, तो बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का दंश दो बार झेलना पड़ रहा है। विभागीय तालमेल सही नहीं होने से यह स्थिति पैदा हो रही है।
उदाहरण के तौर पर नत्थूसर टंकी से जिन इलाकों में सुबह पानी सप्लाई होती है, उस समय बिजली कटती है, लेकिन जब इसी टंकी से आसपास के दूसरे इलाकों में सप्लाई की जाती है, तब भी बिजली कटती है, तो जिनके सुबह बिजली काटी गई, वो उपभोक्ता भी फिर से प्रभावित होते हैं।
कंपनी यह कर रही है दावा…
शहर में बिजली आपूर्ति निजी कंपनी कर रही है, ऐसे में कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि वे प्रशासन के आदेशों की पालना में ही पानी सप्लाई के समय बिजली काट रहे हैं।
कंपनी प्रवक्ता के अनुसार पानी की सप्लाई के दौरान बिजली कटौती जिला प्रशासन के आदेश पर की जा रही है।जिला प्रशासन ने पानी सप्लाई के दौरान बिजली बंद करवाने के लिए जलदाय विभाग के सहायक अभियंताओं को अधिकृत किया है।
पिछले दिनों जिला प्रशासन ने बिजली कम्पनी बीकेईएसएल को पत्र लिखकर जल आपूर्ति के दौरान 30 से 45 मिनट बिजली सप्लाई बंद करने को कहा था।
जलदाय विभाग के सहायक अभियन्ता अपने-अपने क्षेत्र में जल आपूर्ति के समय बिजली बंद करने के बारे में बिजली कम्पनी को जानकारी देते हैं, इसके बाद बीकेईएसएल के अधिकारी बिजली बंद कर देते हैं। जिला प्रशासन का मानना है कि बिजली बंद होने से लोग अवैध रूप बूस्टर का उपयोग नहीं कर पाएंगे और सभी उपभोक्ताओं को पूरा पानी मिल सकेगा।





