बीकानेर : इग्नू का नियमित सेंटर बनेगा एसकेआरएयू, इग्नू और एसकेआरएयू के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर - Nidar India

बीकानेर : इग्नू का नियमित सेंटर बनेगा एसकेआरएयू, इग्नू और एसकेआरएयू के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर

एसकेआरएयू स्थित इग्नू अध्ययन केंद्र का अपग्रेडेशन

बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज। 

स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय स्थित इग्नू अध्ययन केंद्र अब इग्नू के नियमित केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
एसकेआरएयू तथा इग्नू के बीच इस संबंध में एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। कुलगुरु डॉ. आरबी दुबे तथा इग्नू के जोधपुर कार्यालय की ओर से उप निदेशक डॉ. मुख्त्यार अली ने इस एमओयू पत्र पर हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. देवाराम सैनी, केंद्रीय कारागृह अधीक्षक अभिषेक शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सेंट्रल नोटरी शैलेश गुप्ता, इग्नू समन्वयक प्रोफेसर दाताराम, इग्नू के सुमन सागर उपस्थित रहे।
कुलगुरु ने इस एमओयू पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इग्नू जैसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर के संस्थान के साथ जुड़ने से यहां की अकादमी गतिविधियों को और बढावा मिलेगा। एमओयू होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ. देवाराम सैनी ने कहा कि इससे इग्नू सेवाओं का विस्तार होगा और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को रेगुलर डिग्री के साथ इग्नू के ओपन पाठ्यक्रमों की डिग्री लेने का अवसर मिल सकेगा।
डॉ. दाताराम ने बताया कि वर्तमान में 10 पाठ्यक्रमों में लगभग ढाई सौ विद्यार्थी पंजीकृत है। वर्तमान में डिप्लोमा इन अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन, डिप्लोमा इन न्यूट्रिशंस एंड हेल्थ एजुकेशन, एमएससी फूड सेफ्टी एंड क्वालिटी मैनेजमेंट एमबीए एग्री बिजनेस मैनेजमेंट, एमएससी एनवायरनमेंट साइंस, सर्टिफिकेट इन ऑर्गेनिक फार्मिंग, सर्टिफिकेट इन डिजास्टर मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन एग्रीकल्चरल कोस्ट मैनेजमेंट आदि में विद्यार्थी पंजीकरण करवा रहे हैं। इग्नू के मुखि्तयार अली ने बताया कि इन पाठ्यक्रम में प्रवेश की अंतिम तिथि 15 मार्च है।

इग्नू के स्थाई केंद्र बनने से बैचलर आफ आर्ट्स (होम साइंस)और मास्टर्स का ऑफ आर्ट्स होम साइंस, लाइब्रेरी साइंस,आपदा प्रबंध, ग्रामीण विकास कचरा प्रबंध भी शुरू हो सकेगा। स्थानीय विद्यार्थी, सेवारत, एयरफोर्स, सेना सहित विभिन्न विद्यार्थी ओपन एजुकेशन के माध्यम से यहां प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। नियमित विद्यार्थी भी नियम अनुसार इग्नू के माध्यम से एक साथ दो डिग्री प्राप्त कर सकते हैं। राजस्थान के मूल निवासी बालिकाओं को मुख्यमंत्री दूरस्थ शिक्षा योजना के तहत शुल्क वापसी की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

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