रमेश बिस्सा

बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।
देवभूमि उत्तराखंड के ऋषिकेश में चांड़क परिवार की और से सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन 25 से 31 अक्टूबर तक कराया गया था। इसकी पूर्णाहुति शुक्रवार को हुई। नीलकंठ रोड पर स्थित एक रिसोर्ट में सात दिन तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान से पूरी वादिया भक्तिमय हो गई। कार्यक्रम के साक्षी बनने के लिए देश के कई महानगरों से श्रद्धालु यहां पहुंचे और भक्तिरस से साराबोर हो गए।
बीकानेर जिले की कोलायत तहसील के गुड़ा गांव निवासी और मुम्बई, सूरत,अहमदाबाद प्रवासी नारायण प्रसाद चांड़क परिवार की ओर से ऋषिकेश की रट्टा पानी क्षेत्र में नीलकंठ रोड पर स्थित फूलचट्टी रिसोर्ट में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ की पूर्णाहुति शुक्रवार को हुई। अंतिम एक सत्र की कथा में बीकानेर के भागवताचार्य पंड़ित दुर्गादत्त व्यास ने भागवत कथा के श्रवण और आयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला। सुखदेवजी और राजा परिक्षित के संवाद के अंतिम प्रसंग की सप्रसंग व्याख्या की। कीर्तन के बाद महाआरती हुई। इसमें बड़ी संख्या में आए हुए श्रद्धालुओं ने भागीदारी निभाई।
वेद मंत्रों से गूंजा रिसोर्ट, हवन में दी आहुतियां

कथा की पूर्णाहुति के बाद पंड़ित दुर्गादत्त व्यास के सान्निध्य में पंड़ित अमरचंद पुरोहित ने महायज्ञ का अनुष्ठान कराया। इस दौरान पूरा रिसोर्ट परिसर वेद मंत्रों से गूंजा उठा। माहौल भक्तिमय हो गया।


यजमान के रूप में नारायण प्रसाद चांड़क और उनकी पत्नी पुष्पा देवी, विवेक चांड़क और मनमोहन चांड़क ने सपत्नीक शामिल होकर पूजन कराया। महायज्ञ में सूरत, कोलकाता, मुम्बई, दिल्ली, अहमदाबाद, बैंगलुरु, कानपुर, जयपुर, बीकानेर सहित महानगरों से आए ढाई सौ से भी अधिक श्रद्धालुओं ने भागीदारी निभाई। भागवत कथा की पूर्णाहुति के बाद पंड़ित दुर्गा दत्त व्यास और उनकी पूरी टीम शुक्रवार रात को ऋषिकेश रवाना हुई और शनिवार को बीकानेर पहुंची।
कलाकारों ने भजनों से बांधा समां
सात दिवसीय भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में बीकानेर के कलाकार राधेश्याम बिस्सा(बीदा महाराज) ने भजनों से सभी को मंत्रमुग्द कर दिया। वहीं दीपांशु अरोड़ा ने ऑर्गन पर और प्रमोद व्यास ने तबले पर संगत की।






