बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।





पितर तृप्ति के लिए बीते एक पखवाड़े से चल रहा तर्पण अनुष्ठान की पूर्णाहुति रविवार को अमावस्या के दिन हुई। इस अवसर पर कई स्थानों पर पितरों के निमित हवन के आयोजन भी हुए। इससे पहले अल सुबह से ही तालाबों पर अंतिम दिन हेमाद्री संकल्प के साथ ही दस विधि स्नान के बाद तर्पण कराया गया।
इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी रही। इसके बाद हवन का कार्यक्रम हुआ। शहर में धरणीधर तालाब, श्रीरामसर में स्थित कन्नू रंगा की बाड़ी, सूर्य मंदिर सहित कई स्थानों पर श्राद्धपक्ष के साथ ही तर्पण के अनुष्ठान शुरू थे जिनकी पूर्णाहुति रविवार को हवन के साथ हुई।
धरणीधर में हुआ सामूहिक तर्पण

धरणीधर तालाब पर पंड़ित नथमल जी पुरोहित के शिष्य पंड़ित गोपाल ओझा के सान्निध्य में 15 दिन तक तर्पण का अनुष्ठान किया गया। इसमें रविवार को पितर अमावस्या पर सामूहिक रूप से पहले हेमाद्री संकल्प और दस विधि स्नान कराया गया। इसके बाद पितरों को तर्पण दिया गया। इसके बाद महानंद महादेव मंदिर परिसर की यज्ञशाला में हवन का अनुष्ठान हुआ। इसमें पितरों के निमित आहुतियां दी गई। हवन की पूर्णाहुति के बाद आरती हुई। बाद में प्रसाद वितरण किया गया। इसमें बड़ी संख्या में आस्थावान श्रद्धाल शामिल हुए। सुबह धरणीधर महादेव का दुग्धाभिषेक कराया गया।


तालाब के दूसरे छोर पर पंड़ित नवरतन व्यास के सान्निध्य में चल रहे तर्पण अनुष्ठान की पूर्णाहुति हुई। इसके बाद हषोल्लाव तालाब परिसर में हवन किया गया।

वहीं श्रीरामसर स्थित कन्नू रंगा की बाड़ी में चल रहे तर्पण अनुष्ठान की पूर्णाहुति के बाद हवन किया गया। इसमें अशोक पुरोहित, कन्नू रंगा, केके छंगाणी सहित श्रद्धालुओं ने भागीदारी निभाई। तर्पण के बाद यज्ञ पंडित जयप्रकाश ओझा ने करवाया। मुख्य यजमान कन्हैयालाल रंगा थे।





