बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।

बीकानेर राजपरिवार में इन दिनों संपत्ति विवाद चल रहा है। अब इसमें एक नया मोड़ आ गया है। असल में उदयपुर स्थित देवस्थान विभाग के आयुक्त ने अभी हाल ही में अपने एक निर्णय में बीकानेर राज परिवार द्वारा स्थापित ट्रस्टों में पुराने ट्रस्टीगण को हटाकर नए ट्रस्टी की नियुक्ति को विधि विरूद्ध मानते हुए निरस्त कर दिया है। इससे बीकानेर पूर्व क्षेत्र की विधायक सिद्धिकुमारी को झटका लगा है। देवस्थान आयुक्त ने प्रिसेंस राज्यश्रीकुमारी ऑफ बीकानेर को ही बीकानेर राजपरिवार की वरिष्ठ सदस्या माना है और ठाकुर हनुवंत सिंह के हस्ताक्षरों को फर्जी नहीं मानते हुए कहा कि बिना साक्ष्य के किसी के हस्ताक्षर फर्जी नहीं मान सकते।
साथ ही उन्होंने कहा कि ट्रस्टों का संचालन ट्रस्ट डीड से होता है ना कि वसीयत से अत: राजमाता सुशीला कुमारी की वसीयत उनकी व्यक्तिगत सपंतियों की हद तक ही हो सकती है इसलिए ट्रस्टों के संचालन में वसीयत का कोई लेना देना नहीं है। इन सब तथ्यों की जानकारी देने के लिए प्रिसेंस राज्यश्री कुमारी की ओर से बुधवार को लक्ष्मीनिवास होटल में एक प्रेसवार्ता का का आयोजन किया गया। इस दौरान राज्यश्री ने मीडिया के सवालों के बेबाक जवाब दिए। इस मौके पर ठा हनुवंत सिंह सहित राज्यश्री कुमारी के अधिवक्ता कमल नारायण पुरोहित व सुरेन्द्र पुरोहित आदि ने भी मीडिया को जवाब दिए।
यह था मामला
दरअसल 27 मई 2024 को बीकानेर के देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त ने बीकानेर राजपरिवार द्वारा स्थापित ट्रस्टों में प्रिंसेस राज्यश्री कुमारी, प्रिंसेस मधुलिका कुमारी, ठा हनुवंत सिंह सहित अन्य ट्रस्टीगण को टाकर उनकी जगह नए ट्रस्टी नियुक्त करने का एक आदेश जारी किया था। उक्त आदेश के खिलाफ आयुक्त देवस्थान विभाग उदयपुर के समक्ष ट्रस्टों के वर्किंग टस्टी ठा. हनुवंत सिंह द्वारा एक अपील दायर की गई। जिसमें अवगत कराया गया है कि बीकानेर देवस्थान के सहायक आयुक्त ने जो आदेश पारित किया है। वह विधि सम्मत नहीं है बल्कि एक पक्ष में जानबूझकर आदेश जारी किया गया है। बीकानेर देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त ने सिद्धि कुमारी को परिवार की वरिष्ठ सदस्या माना और वर्किंग ट्रस्टी ठा. हनुवंत सिंह के हस्ताक्षर को फर्जी माना साथ ही राजमाता सुशीला कुमारी की वसीयत से पुराने ट्रस्टी को हटाना व नए ट्रस्टी को लेना वाजिब माना। इस पर ठा. हनुवंत सिंह ने देवस्थान विभाग उदयपुर के आयुक्त के समक्ष अपील दायर कर इस फैसले को चुनौती दी थी। अब इस अपील पर आयुक्त देवस्थान विभाग ने बीकानेर के सहायक आयुक्त देवस्थान के आदेश को निरस्त कर दिया है।
चैरिटी वर्क करते रहेंगे: राज्यश्री कुमारी
मीडिया से बातचीत में राज्यश्री कुमारी ने कहा कि फैसला उनके पक्ष में आया है। अब हम पूर्व की भांति ट्रस्टों की ओर संचालित विभिन्न जनहित की गतिविधियां करते रहेंगे साथ ही चैरिटी वर्क भी पूर्व की भांति करते रहेंगे। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि सिद्धि कुमारी उनकी भतीजी है। उन्हें किसी तरह का ज्ञान नहीं है। वह केवल भ्रमित हो रही है। संजय शर्मा नामक उसके पावर ऑफ एटर्नी उन्हें भ्रमित कर रहे हैं। इस दौरान एडवोकेट कमल नारायण पुरोहित एक सवाल के जवाब में कहा कि सिद्धि कुमारी ने पूर्व में न्यायालय के एक आदेश की अवमानना की थी। न्यायालय ने कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। शीतकालीन अवकाश के बाद जल्द ही उस मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एडवोकेट सुरेन्द्र पुरोहित ने बताया कि आयुक्त देवस्थान विभाग उदयपुर के नए आदेश के बाद अब राज्यश्री कुमारी की ट्रस्टों में वापिस पुरानी भूमिका में रहेगी। वे ट्रस्ट के अधीन संचालित मंदिरों सहित अन्य संपतियों की देखरेख आदि पूर्णरूप से स्वतंत्र होकर कर सकेगी। इसमें अब किसी तरह की बाधा नहीं है।






