कोलकाता में 24 अक्टूबर तक होगा विसर्जन

बीकानेर / कोलकाता डेस्क, निडर इंडिया न्यूज।
पश्चिम बंगाल समेत देशभर में मां दुर्गा की विदाई गाजे-बाजे और भावुक माहौल में की गई। बीकानेर में रह रहे बंगाली समाज और कोलकाता में मां के विसर्जन के दौरान भक्तों की आंखें भर आईं और सभी ने मां से अगले साल फिर जल्दी आने का आग्रह किया।


निडर इंडिया के कोलकाता संवाददाता से मिली जानकारी के अनुसार, कोलकाता और पूरे बंगाल में इस बार दुर्गा प्रतिमा विसर्जन का कार्यक्रम 21 अक्टूबर से शुरू होकर 24 अक्टूबर तक चलेगा। चार दिनों तक चलने वाले इस महाविसर्जन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राज्य सरकार ने विसर्जन के लिए 18 आईपीएस अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है। कोलकाता शहर में सुरक्षा की कमान 12 आईपीएस अधिकारी संभालेंगे।

प्रमुख विसर्जन घाटों – बाबूघाट, नीमतला, अहिरीटोला और दहीघाट पर विशेष नजर रखी जा रही है। इन घाटों पर सबसे ज्यादा भीड़ रहने की संभावना है, इसलिए यहां भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।पुलिस के अनुसार, हर घाट पर तैराकों की टीम, NDRF के जवान, स्पीड बोट, सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और हादसों से बचने के लिए नदी में बैरिकेडिंग भी की गई है। रात के समय रोशनी की भी विशेष व्यवस्था की गई है ताकि विसर्जन में कोई परेशानी न हो।
इधर बीकानेर में भी बंगाली समुदाय ने पारंपरिक तरीके से मां की प्रतिमा का विसर्जन किया। ढोल-नगाड़ों के साथ शोभायात्रा निकाली गई और महिलाओं ने सिंदूर खेला की रस्म निभाई। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। पुराने शहर में भी कई मोहल्लों में दुर्गा पूजा महोत्सव मनाया गया था। जहां से आज देवी माता की विदाई हुई।
कोलकाता से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि बंगाल में दुर्गा पूजा सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि भावना है। मां की विदाई पर दुख तो होता है, लेकिन विश्वास है कि मां अगले साल फिर सुख-समृद्धि लेकर आएंगी।
फोटो\ रिपोर्ट : एसएन जोशी, रमेश बिस्सा।





