बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।
कहते है पति-पत्नी एक बार विवाह के बंधन में बंध जाए, तो रिश्ता जन्म जन्मांतर तक का होता है। इस अटूट पवित्र बंधन के साथ जीवन का सफर चलता है, यह बात आज गंगाशहर में साकार हो उठी। जहां पर एक पति ने अपनी पत्नी की अंतिम विदाई को भी गाजे-बाजे के साथ की। जी हां! यह अनूठा उदाहरण गंगाशहर में रहने वाले राजेन्द्र प्रसाद जोशी के यहां देखने को मिला। जिन्होंने अपनी पत्नी की देह को दुल्हन की तरह सजाया और स्वंय भी दूल्हे की तरह से सज-धजकर गाजे-बाजे के साथ अंतिम विदाई दी।
इस विभाेर कर देने वाले क्षण के बड़ी संख्या में लोग साक्षी बने। जानकारी के अनुसार राजेन्द्र प्रसाद जोशी सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग से सेवानिवृत्त सहायक प्रशासिक अधिकारी रहे हैं। जोशी ने अपने वैवाहिक जीवन के 42 साल के सफर को यादगार बनाने के लिए अपनी पत्नी को अनूठे अंदाज में विदाई दी।
जोशी की पत्नी श्रीमती अमिता जोशी का निधन 63 वर्ष की आयु में गुरुवार रात को गुर्दें की बीमारी के कारण हो गया था। शुक्रवार को गंगाशहर में बाफना स्कूल के सामने की गली से गाजे-बाजे के साथ मोक्षधाम तक अंतिम यात्रा निकाली गई। जहां पर उनकी अंत्येष्टि की गई।
रामनाम संकीर्तन के साथ फिल्मी धुन भी गूंजी…
अंतिम यात्रा में बैंड पार्टी ने रामनाम संकीर्तन की धुन के साथ ही ” अभी ना जाओ छोड़ कर दिल अभी भरा नहीं…सरीखे गीत बजाए गए। घर से श्मशान मार्ग तक कई लोगों ने बैंड बाजे के साथ अपनी पत्नी को दी गई विदाई का नजारा देखकर भावुक हो गए। लोगों ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी।
विवाह बंधन में 1984 में बंधे…
पौढ़ी गढ़वाल के मूल निवासी , बीकानेर प्रवासी राजेन्द्र प्रसाद जोशाी (गौड़ ब्राह्मण) ने बताया कि श्रीनगर उतराखंड से 18 फरवरी 1984 को अमिता जोशी के साथ परिण्य सूत्र में बंधकर वे बीकानेर आए थे। करीब 42 वर्षों तक धर्म पारायण, श्रेष्ठ पत्नी का धर्म निभाया, हंसमुख व मिलनसार व्यक्तिव के साथ पारिवारिक व सामाजिक धर्म बखूबी निभाया। अमिता जोशी के दो पुत्र, दो पोत्र और एक पौत्री का भरा पूरा परिवार है।
अमिता जोशी के निधन पर पूर्व सूचना एवं संपर्क अधिकारी अमर सिंह चौहान, स्वतंत्र पत्रकार रतन सिंह रघुवंशी, नगर के कलमकारों, सूचना एवं जन संपर्क विभाग के पूर्व कार्मिकों ने संवेदना जातते हुए राजेन्द्र प्रसाद जोशी को ढाढस बंधाया और दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की।





