बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।
सामाजिक सरोकार के उद्देश्य से की गई सकारात्मक पहल के तहत सी. एम. मूंधड़ा फाउंडेशन की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर 51 घुटना रोगियों का निशुल्क उपचार कराया गया। इस दौरान सभी के घुटना प्रत्यारोपण करवाया गया।
अहमदाबाद के के.डी. अस्पताल में सफल उपचार के बाद मरीजों के बीकानेर लौटने पर उनके चेहरों पर खुशी नजर आई । मरीजों और उनके परिजनों ने फाउंडेशन का आभार जताते हुए कहा कि आर्थिक रूप से महंगा होने के कारण जो उपचार उनके लिए मुश्किल था, वह फाउंडेशन के सहयोग से संभव हो सका।
घुटना प्रत्यारोपण करवाकर लौटे मरीजों को फाउंडेशन के मुख्य ट्रस्टी श्रीकिशन मूंधड़ा स्वयं रेल मार्ग से अहमदाबाद से बीकानेर लेकर पहुंचे। मरीजों के उपचार से लेकर उनके आने-जाने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी ट्रस्ट की ओर से निभाई जा रही है।
फाउंडेशन की ओर से केवल मरीजों का ऑपरेशन ही निशुल्क नहीं करवाया जा रहा, बल्कि अहमदाबाद में उपचार के दौरान मरीजों के साथ रहने वाले परिजनों के रहने, खाने-पीने की व्यवस्था भी ट्रस्ट द्वारा की जा रही है। इसके अलावा मरीजों और उनके परिजनों को बीकानेर से अहमदाबाद तथा अहमदाबाद से बीकानेर लाने-ले जाने की व्यवस्था भी ट्रस्ट ही संभाल रहा है ।
फाउंडेशन की ओर से इससे पूर्व भी 117 मरीजों का निशुल्क घुटना प्रत्यारोपण करवाया जा चुका है । इस प्रकार अब तक बड़ी संख्या में जरूरतमंद मरीजों को घुटने की गंभीर समस्या से राहत दिलाने का कार्य किया जा चुका है । श्रीकिशन मूंधड़ा ने कहा कि जरूरतमंदों को स्वस्थ जीवन देना ही उद्देश्य है।
मूंधड़ा फाउंडेशन के ट्रस्टी श्रीकिशन मूंधड़ा ने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य केवल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाना नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को बेहतर एवं स्वस्थ जीवन जीने का अवसर प्रदान करना है । घुटने की बीमारी के कारण कई लोग चलने-फिरने और अपने दैनिक कार्य करने में असमर्थ हो जाते हैं । ऐसे मरीजों का निशुल्क उपचार करवाकर उन्हें दोबारा सामान्य जीवन की ओर लौटते देखना फाउंडेशन के लिए सबसे बड़ी खुशी है । उन्होंने कहा कि सामाजिक सरोकारों के ऐसे कार्य आगे भी निरंतर जारी रहेंगे
सी. एम. मूंधड़ा चेरिटेबल ट्रस्ट, बीकानेर के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने कहा कि जरूरतमंद मरीजों का निशुल्क घुटना प्रत्यारोपण करवाना ट्रस्ट की सामाजिक प्रतिबद्धता का हिस्सा है । आर्थिक अभाव के कारण कोई व्यक्ति उपचार से वंचित न रहे, इसी भावना के साथ ट्रस्ट लगातार चिकित्सा क्षेत्र में सेवा कार्य कर रहा है । उन्होंने कहा कि घुटना प्रत्यारोपण के बाद मरीजों को दर्द और चलने-फिरने की परेशानी से राहत मिलना इस सेवा कार्य की सार्थकता है ।
इस अवसर पर वीरेंद्र किराडू, संतोष आसोपा, पवन पचीसिया, फिजियोथेरेपिस्ट भवानी शंकर, ऋषिराज रामावत आदि मौजूद रहे।





