बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।

नौ दिन तक अपने ससुराल में विश्राम करने के बाद शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ अपने निजी आवास लौट आए। रतन बिहारी पार्क स्थित रसिक शिरोमणि मंदिर से गाजे-बाजे के साथ रवाना हुए भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलराम के रथ अलग-अलग मार्गों से होते हुए जेल रोड स्थित प्राचीन मंदिर पहुंचे।
जहां पर ओडिशी परम्परा के अनुसार माता लक्ष्मी और भगवान जगन्नाथ के बीच नीलाद्री संवाद हुआ। माता लक्ष्मी को मनाने की कवायद चली। काफी देर आपसी संवाद के बाद माता लक्ष्मी ने मंदिर के दरवाजे खोले। इस भावविभोर करने वाले दृश्य को साकार देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु का तांता लगा।

मंदिर में प्रवेश करने पर भगवान की भव्य आरती की गई। साथ ही प्रसाद वितरण किया गया। जगन्नाथ रथ यात्रा समिति संरक्षक द्वारकाप्रसाद पचीसिया एवं अध्यक्ष घनश्याम लखानी ने बताया कि भगवान जगन्नाथ रतन बिहारी पार्क स्थित अपने ससुराल में 9 दिन अपने निजी आवास के लिए निकले तो रास्ते में भक्तों ने पुष्प वर्षा से उनका स्वागत किया।

आज से नित्य दर्शन जगन्नाथ मन्दिर जेलवेल रोड पर ही होगे। इस मौके पर सरजू दास महाराज, शंकरानन्द महाराज,पुजारी परिवार, पीयूष सिंघवी, वीरेन्द्र किराडू,रमेश अग्रवाल, राजेंद्र डिडवानिया, श्री भगवान अग्रवाल, विनोद पेंटर लोकेश चतुर्वेदी, राजीव शर्मा सहित श्रद्धालु शामिल हुए।






