यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन ने छात्रा दीक्षा टाक (मारू) को प्रथम वर्ष की फीस के लिए ₹4.90 लाख से अधिक की राशि प्रदान की


जयपुर, निडर इंडिया न्यूज।

यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन (UGPF) की ओर से बीकानेर की प्रतिभाशाली छात्रा दीक्षा टाक को उनकी उच्च शिक्षा के लिए ₹4,90,300 (चार लाख नब्बे हजार तीन सौ रुपये) की सहयोग राशि प्रदान की गई।

प्रमुख होटल व्यवसायी एवं भामाशाह मेघराज सिंह रॉयल की ओर से संचालित फाउंडेशन की ओर से एक प्रतीक चेक आज जयपुर में फाउंडेशन के निदेशक ब्रिगेडियर जितेन्द्र सिंह शेखावत ने छात्रा को भेंट किया। इस अवसर पर फाउंडेशन के सलाहकार के.के. बोहरा तथा दीक्षा के पिता श्याम मारू भी मौजूद रहे।



गौरतलब है कि बीकानेर की छात्रा दीक्षा ने नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) की प्रवेश परीक्षा में देशभर में ओबीसी वर्ग में 11वीं रैंक प्राप्त कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। फाउंडेशन द्वारा प्रदान की गई यह सहयोग राशि उनके प्रथम वर्ष की फीस जमा कराने के उद्देश्य से दी गई है।
इस अवसर पर फाउंडेशन की ओर से बताया गया कि यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन (UGPF) राजस्थान में शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण सशक्तिकरण के क्षेत्र में निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा है।
शिक्षा सम्बल योजना से मिल रहा होनहार विद्यार्थियों को संबल
फाउंडेशन ‘शिक्षा सम्बल योजना’ के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
योजना के तहत प्रतिभावान युवाओं को आई.ए. एस.,आर.ए.एस. एवं अन्य प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क एलीट कोचिंग, भोजन एवं आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पिछले दो वर्षों में लगभग एक हजार जरूरतमंद एवं मेधावी विद्यार्थियों को सहायता प्रदान की जा चुकी है, ताकि संसाधनों के अभाव में उनके सपने अधूरे न रह जाएं।
फाउंडेशन के चेयरमैन मेघराज सिंह रॉयल का विजन संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) के 17 सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals – SDGs) से प्रेरित है और इसी सोच के अनुरूप संस्था जमीनी स्तर पर व्यापक एवं स्थायी परिवर्तन लाने के लिए कार्य कर रही है।
जोधपुर के जेठाणिया में विकसित हो रहा ‘अनोखा ग्रामीण मॉडल’
फाउंडेशन ने जोधपुर जिले के जेठाणिया गांव में लगभग 100 बीघा भूमि पर एक अत्यंत महत्वाकांक्षी परियोजना प्रारंभ की है। इस परियोजना के तहत गांव के सभी सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों एवं अन्य नागरिक सुविधाओं को एक ही परिसर में विकसित किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को सभी आवश्यक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें। यह एकीकृत प्रशासनिक एवं विकास मॉडल भविष्य में देशभर के गांवों के लिए सस्टेनेबल विलेज मॉडल के रूप में एक मिसाल बनेगा।फाउंडेशन शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी लगातार कार्य कर रहा है।
बेरोजगारी उन्मूलन: ‘हॉस्पिटलिटी से हुनर’ योजना के माध्यम से युवाओं को तीन वर्ष की पेड अप्रेंटिसशिप एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर स्वरोजगार के लिए ₹5.4 लाख तक की सहायता प्रदान की जाती है।
सामाजिक समरसता एवं जातिवाद का खत्मा:
समाज में समानता और सौहार्द को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के सम्मानजनक विवाह हेतु ‘मास रॉयल वेडिंग्स’ (सामूहिक शाही विवाह) का आयोजन किया जाता है।
पर्यावरण संरक्षण: बंजर भूमि को हरित बनाने के लिए ‘धुन प्रोजेक्ट’ के माध्यम से बड़े पैमाने पर पौधारोपण तथा जल संरक्षण के कार्य किए जा रहे हैं।
फाउंडेशन का प्रमुख उद्देश्य बेरोजगारी दूर करना, सामाजिक कुरीतियों का उन्मूलन करना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना है।







