बीकानेर : हरियाणा के बल्लभगढ़ मॉडल की तर्ज पर बीकानेर के पांच उप जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ प्रसूति सेवाएं होंगी विकसित - Nidar India

बीकानेर : हरियाणा के बल्लभगढ़ मॉडल की तर्ज पर बीकानेर के पांच उप जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ प्रसूति सेवाएं होंगी विकसित

बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज। 

केंद्रीय विधि एवं न्याय तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुनराम मेघवाल की ओर  मातृ स्वास्थ्य सुरक्षा में मेडिकल कॉलेज के साथ स्वास्थ्य विभाग की महती भूमिका का संज्ञान लिया गया है।

मेघवाल की पहल एवं निर्देशानुसार मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा जटिल प्रसूति मामलों के प्रभावी प्रबंधन के उद्देश्य से चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंस में एम्स नई दिल्ली के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नीना मल्होत्रा ने विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान किया। मेघवाल ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, जटिल प्रसव प्रबंधन तथा प्रसव पूर्व देखभाल व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया।

वीडियो कॉन्फ्रेंस में सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार वर्मा, पीबीएम अस्पताल कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. परमेंद्र सिरोही, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के चिकित्सक, संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं बीकानेर जोन डॉ. देवेंद्र चौधरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध, जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुनील हर्ष तथा बागड़ी जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुनील बोथरा सहित चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जुड़े।

मेघवाल ने एम्स दिल्ली के सानिध्य का लाभ उठाते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बीकानेर में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विकसित करने के निर्देश दिए।

एम्स नई दिल्ली की विशेषज्ञ डॉ. नीना मल्होत्रा ने कहा कि उच्च जोखिम गर्भवतियों की समय पर पहचान, नियमित प्रसव पूर्व जांच, जोखिम वर्गीकरण तथा समयबद्ध रेफरल प्रणाली मातृ जटिलताओं की रोकथाम के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जटिल प्रसूति मामलों में स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, फिजिशियन तथा क्रिटिकल केयर टीम के समन्वित प्रबंधन पर बल देते हुए प्रसवोत्तर अवधि में विशेष निगरानी रखने की आवश्यकता बताई।

बीकानेर का विशाल भौगोलिक क्षेत्र और दूरस्थ इलाकों की चुनौतियां

डॉ. देवेंद्र चौधरी ने डॉ. नीना मल्होत्रा को बीकानेर जिले की भौगोलिक परिस्थितियों एवं स्वास्थ्य सेवा तंत्र से अवगत करवाते हुए बताया कि 31 हजार वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले जिले में अनेक दूरस्थ एवं विरल आबादी वाले क्षेत्र हैं, जहां उप स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से प्रसूति सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। कई क्षेत्रों में उच्च स्तरीय रेफरल संस्थान 100 से 250 किलोमीटर तक दूर स्थित हैं, जिससे जटिल प्रसूति मामलों के प्रबंधन में विशेष चुनौतियां आती हैं।

उन्होंने जिले में होने वाले कुल प्रसवों, उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं तथा सामान्य एवं सिजेरियन प्रसवों की स्थिति से अवगत करवाते हुए बताया कि संस्थागत प्रसवों का लगभग आधा भार चिकित्सा शिक्षा विभाग के पीबीएम एवं जिला अस्पतालों तथा शेष आधा भार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं पर रहता है।

एम्स दिल्ली के सहयोग और निर्देशन में मजबूत होगा बीकानेर का स्वास्थ्य तंत्र

बीकानेर जिले की परिस्थितियों की जानकारी मिलने के बाद डॉ. नीना मल्होत्रा ने हरियाणा स्थित एम्स नई दिल्ली से संबद्ध बल्लभगढ़ अस्पताल का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने सुझाव दिया कि सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में एसआरशिप कर रहे स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों को रोटेशन आधार पर जिले के पांच चयनित उप जिला अस्पतालों में सेवाएं देने की व्यवस्था विकसित की जाए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सिजेरियन प्रसव, उच्च जोखिम गर्भवती प्रबंधन तथा आपातकालीन प्रसूति सेवाओं की उपलब्धता और क्षमता में वृद्धि होगी तथा अनावश्यक रेफरल की आवश्यकता कम होगी।

उन्होंने चयनित अस्पतालों के चिकित्सकों, नर्सिंग कार्मिकों एवं एसआर चिकित्सकों को एम्स नई दिल्ली द्वारा एसओपी आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव भी रखा।

सीएमएचओ डॉ साध दे चुके हैं बल्लभगढ़ अस्पताल में सेवाएं

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध ने बताया कि वे स्वयं जेआरशिप के दौरान बल्लभगढ़ अस्पताल में सेवाएं दे चुके हैं तथा इस मॉडल की उपयोगिता एवं प्रभावशीलता से भलीभांति परिचित हैं। एम्स दिल्ली से प्रशिक्षित डॉ. स्वाति कोचर ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया।

डॉ. चौधरी ने बताया कि शीघ्र ही जिले के पांच उप जिला अस्पतालों का चयन कर वहां विशेषज्ञ प्रसूति सेवाओं को सुदृढ़ करने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके लिए आवश्यक मानव संसाधन, प्रशिक्षण, उपकरण एवं आधारभूत सुविधाओं से संबंधित प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। साथ ही चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का संयुक्त दल बल्लभगढ़ अस्पताल का अध्ययन भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं का अवलोकन करेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में इस मॉडल को बीकानेर जिले की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित कर ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

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