मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के आगे भारतीय रेलवे मजदूर संघ ने किया प्रदर्शन


बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।

रेलवे बोर्ड की ओर से भारतीय रेलों में पदों को सरेंडर करने की तैयारियां चल रही है। बताया जा रहा है कि रेलवे बोर्ड ने 29 हजार 608 पदों को सरेंडर करने के आदेश भी जारी कर दिए है। रेलवे के इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में आक्रोश है। रेलवे संगठन इसके विरोध में सड़कों पर उतारु है। भारतीय रेलवे मजदूर संघ के आह्वान पर विरोध पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज बीकानेर में संगठन की ओर से मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय और कारखानों के आगे जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन किया गया।

संघ के महामंत्री मुकेश कुमार शर्मा ने कहा कि रेलवे बोर्ड के इस निर्णय का उत्तर पश्चिम रेलवे कर्मचारी संघ पुरजोर विरोध करता है। यह कर्मचारी विरोधी निर्णय है, इसको किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।



उन्होंने कहा कि जहां रेलवे पर तेजी से बुनियादी विकास हो रहा है, दोहरीकरण और तिहरीकरण का कार्य, विद्युतीकरण, स्टेशन विकास आदि का कार्य बढ़ता जा रहा है। वहीं कर्मचारियों की संख्या में कटौती की जा रही है। वर्तमान में पहले से अधिक संख्या में ट्रेनें हो गई है। कार्य अधिक है, लेकिन जनशक्ति कम करने का सिलसिला लगातार जारी हे। इससे कार्यरत कर्मचारियों पर बढ़ते कार्य बोझ के कारण कर्मचारी दबाव और मानसिक अवसाद ग्रस्त हो रहे हैं।
कई विभागों के लाइव पद सरेंडर कर तेजी से आउटसोर्सिंग करते हुए पिछले दरवाजे से निजीकरण की ओर कदम बढ़ाया जा रहा है। आउटसोर्सिंग के कारण यात्रियों की संरक्षा और सुरक्षा प्रभावित होने की पूरी आशंका है क्योंकि ठेका मजदूर उस जिम्मेदारी से अपना कार्य नहीं कर सकता है, जिस जिम्मेदारी और समर्पण से रेलवे का एक कर्मठ कर्मचारी अपना कार्य करता है।

यह विरोध प्रदर्शन उत्तर पश्चिम रेलवे के सभी मंडलों एवं कारखाना पर आयोजित किया गया। अजमेर मंडल पर दीपेश कुमार मौर्य, अजमेर कारखाना पर विजय वमनावत, जयपुर मंडल पर गिर्राज मीना, जोधपुर मंडल एवं कारखाना पर लखपत सिंह के नेतृत्व में सफल प्रदर्शन किया गया जिसमें सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लिया।
कार्यालय प्रमुख के माध्यम से अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, रेलवे बोर्ड को संबधित एक ज्ञापन सौंपा गया है। शर्मा ने बताया कि 29 मई को महाप्रबंधक कार्यालय, जयपुर पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर अखिल भारतीय स्तर भी विरोध प्रदर्शन किया जा सकता है।







