वक्ताओं ने फाउण्डेशन की पहल को सकारात्मक बताया, रामदेवरा के सुजासर गांव स्थित नरावतों की ढाणी में हुआ कार्यक्रम…




बीकानेरNidarindia.com
नव वर्ष मनाने के लिए लोग कई तरह के आयोजन करते हैं। सैर-सपाटे पर निकलते है। मौज-मस्ती कर आने वाले साल का स्वागत करते हैं। वहीं दूसरी और कुछ संस्थाएं ऐसी भी है जिन्हें सामाजिक सरोकार के कार्य करने में सुकून मिलता है।

कुछ ऐसा ही नजरा सोमवार को रामदेवरा से ११ किमी दूूरी पर सुजासर स्थित नरावतों की ढाणी के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में देखने को मिला। जहां पर कोलकाता के मृदुल फाउण्डेशन की ओर से विद्यालय में पढऩे वाले विद्यार्थियों को पठन सामग्री का वितरण कर नए साल की शुरुआत की।

मन में सेवा का जज्बा लेकर कोलकाता से आए फाउण्डेशन के बिमल केडिया ने कहा कि उनका उद्देश्य से दूरदराज की ढाणी में रहने वाले बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरुक करने का है। इसी को साकार करने के लिए वो इस बार भी यहां आए हैं। फाउण्डेशन की ओर से सभी बच्चों को पेंसिल, कॉपी, लंच बॉक्स सहित पठन सामग्री और टॉफियां व मिठाई वितरित की गई।
पूर्व से जगाई है अलख….

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल महंत रामेश्वरानंद महाराज ने कहा कि कहां कोलकाता जो पूर्व में है, वहां रामदेवरा जो पश्चिम है। इतनी दूर आने के बाद भी दूरस्थ ढाणी की सरकारी स्कूल के बच्चों को पढऩे के लिए सामग्री प्रदान करना, अपने आप में ही सराहनीय है। यह काम वो ही कर सकते है जिनके दिल में सेवा का जज्बा होता है। महाराज ने कहा कि इसके लिए फाउण्डेशन के बिमल केडिया का आभाार जिन्होंने इस स्कूल को इस सामाजिक सरोकार के कार्य के लिए चयनित किया और उद्देश्य को बेहतर ढंग से साकार भी किया।

कार्यक्रम में प्रेमसिंह तंवर ने कहा कि कोलकाता से यहां आकर सरकारी स्कूल के बच्चों में शामिल होकर नए वर्ष को इस अनुठे अंदाज मनाना सच्चे मायने में सेवा कार्य है। कार्यक्र में रामदेवरा के अशोक छंगाणी, रामदेवरा के पत्रकार ज्योति सिन्हा, सुमेरसिंह, पत्रकार रमेश बिस्सा, देवीसिंह ने भी विचार रखें। संचालन करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक कमल सोनी ने कहा कि आज नया साल शुरू होने जा रहा है, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के इस स्कूल का मृदुल फाउण्डेशन ने चयन किया है।
इसके लिए फाउण्डेशन के बिमल केडिया व उनकी टीम धन्यवाद के पात्र है। जिनकी एक सकारात्मक सोच, यहां खींच लाई। शिक्षा के मंदिर में नए वर्ष को हुए इस तरह के सामाजिक सरोकार के जुड़े कार्य होना अहम बात है। कार्यक्रम में स्कूल की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत की प्रस्तुति दी।
ग्रामीणों में दिखा उत्साह…
कार्यक्रम में उपसरपंच तारा राम, शिक्षक शिव कुमार व्यास, भवानीसिंह, देवीसिंह, जस्सूराम, जसवंतसिंह, लक्ष्मण सिंह, मंजूरदीन, भाकरसिंह सहित गांव के गणमान्य लोग शामिल हुए।
क्या है मृदुल फाउण्डेशन…
कोलकाता में स्थित मृदुल फाउंडेशन एक पुनर्वास केंद्र है। जहां एक ही छत के नीचे विशेष बच्चों (बोलने-समझने में असक्षम) को सभी तहत के उपचार दिए जाते हैं। इसमें फिजियोथेरेपी, बाल चिकित्सा फिजियोथेरेपी, व्यावसायिक थेरेपी, संवेदी एकीकरण, कंप्यूटर थेरेपी, व्यवहार थेरेपी, स्पीच थेरेपी प्रदान की जाती है। ताकि उन बच्चों को भी सामान्य बच्चों के बराकर लाया जा सके। इस केन्द्र में तीन माह से लेकर 25 वर्षीय बच्चे चिकित्सा के लिए आते है। कई लोग कोलकाता के बाहर से भी आते है। फाउण्डेशन की संचालिका के अनुसार यहां हर बच्चे पर अलग-अलग ध्यान दिया जाता है। एक बच्चे को एक थेरेपिस्ट देखता है। बच्चों को तैराकी भी सिखाई जाती है। साथ ही सभी तरह के त्योहार भी इन बच्चों के साथ ही मनाते है।






