राजस्थान : परम्पराओं को संरक्षित करने का एक प्रयास, यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन की नई पहल

बुआ, बहन और बेटियों के लौटने से महका गांव, पांच दिन तक बरसा स्नेह

बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज। 

यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन ने नई पहल करते हुए बिसरती जा रही परम्परा को फिर से साकार करने की एक अनुठी पहल की है। ताकि बीते जमाने में अपनत्व की भावना और सामाजिक समरसता की भावना को पुनर्जीवन मिल सके। यह प्रयास झुंझुनू जिले के रॉयल गांव में किया गया।
यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन के संस्थापक मेघराज सिंह ‘रॉयल’ की पहल पर ‘बुआ, बहन, बेटी स्नेह मिलन समारोह’ आयोजित किया गया। इसमें सर्व समाज की करीब 500 बेटियों, बहनों और बुआओं को आमंत्रित किया गया। गांव के लोगों ने उनका पारम्परिक स्वागत किया। समारोह के दौरान बेटियों को साड़ी, वस्त्र और अन्य उपहार दिए गए।

उनके स्वागत और भोजन की विशेष व्यवस्थाएं की गईं। पांच दिन तक गांव में ऐसा माहौल बना रहा, मानो बरसों पुरानी यादों ने फिर से आंगन में दस्तक दे दी हो। किसी घर में बेटी लौटी तो कहीं बहन आई, किसी ने अपनी बुआ को बुलाया तो किसी ने बचपन की सखियों से मुलाकात की। वर्षों बाद अपने पीहर पहुंचीं कई बेटियों के लिए यह पल भावुक कर देने वाला था। अपनों का अपनापन, गांव की गलियों की पहचान और बचपन से जुड़ी यादें उनके चेहरों पर खुशी बनकर झलक रही थीं।

‘हर बेटी पूरे गांव की बेटी है’

मेघराज सिंह ‘रॉयल’ ने इस आयोजन के पीछे की भावना को साझा करते हुए कहा कि पहले जब कोई बेटी ससुराल से पीहर आती थी, तो पूरा गांव उससे मिलने पहुंचता था। जमाई की आवभगत में भी ग्रामीण बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। बेटी की विदाई पर गांव की महिलाएं भावुक हो जाती थीं। उनके अनुसार, यह परम्परा आपसी प्रेम, सहयोग और समरसता का प्रतीक थी, जिसे फिर से जगाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल बेटियों का सम्मान करना नहीं, बल्कि समाज में जातिगत भेदभाव को कम करना और सभी वर्गों के बीच अपनत्व बढ़ाना भी है।
ब्रिगेडियर जितेन्द्र सिंह ने भी आयोजन की सफलता में सामूहिक सहयोग को अहम बताया। उन्होंने कहा कि कोई बड़ा आयोजन केवल आर्थिक संसाधनों से सफल नहीं होता, बल्कि इसके लिए परिवार के समर्पण, ग्रामीणों के सहयोग और गांव के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी की जरूरत होती है।

 

Share your love
Facebook
Twitter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *