बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।

राजकीय डूंगर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. आर. के. पुरोहित ने गुरुवार को जयपुर में मुख्य सचिव एस. श्रीनिवास सहित अतिरिक्त मुख्य सचिव और कॉलेज शिक्षा आयुक्त के समक्ष पावरपॉइंट के माध्यम से महाविद्यालय की कार्य संस्कृति, आधारभूत संरचना, उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों, विद्यार्थी गतिविधियों एवं शैक्षणिक उपलब्धियों पर आधारित प्रस्तुतीकरण दिया।

कार्यक्रम में प्रदेश के कुल 60 महाविद्यालयों को ऑफलाइन प्रतिभागिता के लिए आमंत्रित किया गया था, जबकि 200 से अधिक महाविद्यालयों ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया। इनमें से चयनित शीर्ष 10 महाविद्यालयों को ऑफलाइन प्रस्तुतीकरण का अवसर प्रदान किया गया, जिनमें राजकीय डूंगर महाविद्यालय भी शामिल था।

राजकीय डूंगर महाविद्यालय के प्रस्तुतीकरण कोकॉलेज शिक्षा आयुक्त की ओर से सराहा गया। डॉ. पुरोहित ने मुख्य सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुतीकरण दिया, जहाँ महाविद्यालय के प्रयासों एवं उपलब्धियों की प्रशंसा की गई।
प्रस्तुतीकरण के दौरान प्रो. पुरोहित ने महाविद्यालय की संस्थागत विशेषताओं, नवाचारपूर्ण उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों तथा विद्यार्थी-केंद्रित पहलों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। विशेष रूप से बीआईआरसी, एफएफडी एवं केएलसी जैसी पहलों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने महाविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक आधुनिक सभागार (ऑडिटोरियम) की आवश्यकता पर भी बल दिया।
मुख्य सचिव ने चयनित सभी महाविद्यालयों को बधाई देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने राजस्थान के महाविद्यालयों में संस्थागत ग्रेडिंग में सुधार, शिक्षण-अधिगम की गुणवत्ता में वृद्धि तथा अनुसंधान गतिविधियों को सुदृढ़ बनाने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश भी प्रदान किए।
बैठक के दौरान दिए गए निर्देशों तथा महाविद्यालय की संरचनात्मक एवं आधारभूत सुविधाओं से संबंधित आवश्यक आँकड़ों और सूचनाओं का संकलन प्रो. नरेंद्र भोजक द्वारा किया गया।





