बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेन्द्र कपूर ने कहा कि संगठन के विभिन्न आयामों एवं प्रकोष्ठों को सक्रिय करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारों को बढ़ावा देने की जरूरत है।
कार्यकर्ताओं को विद्यालय, शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक और समाज के बीच सकारात्मक समन्वय स्थापित करने की दिशा में निरंतर प्रयास करना चाहिए। कपूर मंगलवार को बीकानेर प्रवास के दौरान श्रीरामसर स्थित कार्यकर्ता आवास पर विद्यालय शिक्षा बीकानेर के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे थे।

इस दौरान संगठन की गतिविधियों, विस्तार, पाठ्यक्रम, शैक्षिक दायित्वों, शिक्षक की भूमिका, कर्तव्य एवं अधिकार और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की क्रियान्विति में संगठन की भूमिका पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि संगठन की प्रभावशीलता तभी बढ़ेगी, जब प्रत्येक पदाधिकारी अपने दायित्व को समझकर सजगता, सक्रियता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा।
संगठन के विभिन्न आयामों एवं प्रकोष्ठों की अपनी विशिष्ट भूमिका है, इसलिए उन्हें सक्रिय करते हुए शैक्षिक नवाचारों को प्रोत्साहित करने के साथ अभिभावकों और समाज से निरंतर संवाद बनाए रखना चाहिए।
आचरण और गतिविधियों से बनती है संगठन की पहचान
संवाद में दिग्विजय सिंह ने कहा कि संगठन के पदाधिकारी का आचरण और उसकी गतिविधियां ही समाज में संगठन की भूमिका को निर्धारित करती हैं। प्रत्येक पदाधिकारी को अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए संगठन के उद्देश्यों को व्यवहार और कार्यशैली के माध्यम से समाज तक पहुंचाना चाहिए।
बैठक में संगठन की आगामी गतिविधियों एवं संगठन विस्तार को लेकर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर प्रदेश सचिव रवि आचार्य, चन्द्रकला, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ओमप्रकाश बिश्नोई, दिग्विजय सिंह, जिला उपाध्यक्ष जगदीश मंडा, मीरा वर्मा, नगर अध्यक्ष सुरेश खेशवानी, महिला मंत्री बबीता वर्मा, कोषाध्यक्ष महेश छीपा, अतिरिक्त जिला मंत्री मोहम्मद फैसल, विकास पंवार, पूनमचंद विश्नोई एवं सुमन ओझा सहित पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





