बीकानेर : एसआईआर को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस में आक्रोश, कलेक्ट्रेट से निकाला पैदल मार्च

आयोग से जुड़ी आपत्तियों की जांच कर तथ्य जनता के सामने लाएं- चिरंजीवी राव

बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज। 

जिला कांग्रेस कमेटी शहर व देहात के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ता और पदाधिकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा लिए गए निर्णयों और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित शिकायतों एवं दर्ज आपत्तियों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने, ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करने व पद से हटाने की मांग की गई।

इस दौरान राष्ट्रीय सचिव व राज. सह-प्रभारी चिरंजीवी राव की अगुवाई में कोटगेट से जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च कर कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रधानमंत्री और ज्ञानेश कुमार का पुतला फुंका गया। बाद में राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन के जरिए दावा किया गया कि बीते 10 महीनों के दौरान निर्वाचन आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त की ओर से लिए गए कुछ निर्णयों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कीं। ज्ञापन में इन आपत्तियों से जुड़े अभिलेखों की जांच कराने की मांग की गई है।

जिला कांग्रेस कमेटी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की। साथ ही निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली और उसके केंद्रीकरण से जुड़े निर्णयों की पारदर्शिता एवं वैधानिकता की जांच की मांग भी राष्ट्रपति से की गई।

कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए  गिरफ्तारी करने, पद से हटाने और कड़ी कार्रवाई की मांग रखी। इसके अलावा जांच के निष्कर्ष और की गई कार्रवाई को सार्वजनिक करने का भी आग्रह किया गया।

राष्ट्रीय सचिव व राजस्थान सह-प्रभारी चिरंजीवी राव ने कहा कि राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े गंभीर सवालों की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है।

राव ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता सर्वाेच्च महत्व रखती है, निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली और उसके केंद्रीकरण से जुड़े निर्णय भी बेहद महत्वपूर्ण हैं, इसलिए निर्वाचन आयोग से संबंधित उठी आपत्तियों और शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को जनता के सामने लाया जाना परमावश्यक है।

देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया को लेकर जो सवाल उठे हैं, उनकी स्वतंत्र समीक्षा होनी चाहिए।

शहर अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने कहा कि निर्वाचन आयोग के भीतर निर्वाचन आयुक्तों द्वारा दर्ज की गई बताई जा रही औपचारिक आपत्तियों और उनसे संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की हम मांग करते है।  पूर्व मंत्री भंवरसिंह भाटी ने कहा कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया बड़े पैमाने पर तकनीकी प्रणालियों पर निर्भर है। इसलिए इन प्रणालियों की पारदर्शिता, सुरक्षा, नियंत्रण और वैधानिक प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच व समीक्षा की जानी चाहिए।

जिला महासचिव (संगठन) प्रहलादसिंह मार्शल ने बताया कि इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव प्रद्युम्नसिंह राठौड़, भूदान बोर्ड चेयरमैन लक्ष्मण कडवासरा, डॉ. राजेन्द्र मूण्ड, विरेन्द्र बेनिवाल,मेयर अनिल कल्ला, मकसूद अहमद, गजेन्द्रसिंह सांखला, अरूण व्यास, सुशीला सींवर, मो. हारूण राठौड़, कमल कल्ला आदि ने विचार रखे।

आज के प्रदर्शन में मनीष पुरोहित नटसा, कन्हैयालाल कल्ला, डीसी गहलोत, पूनमचन्द भाम्भू, आनन्दसिंह सोढ़ा, सुमित वल्लभ कोचर, कॉमरेड हनुमान चौधरी, स्वरूपचन्द गहलोत, शान्ति बेनिवाल, शशिकला राठौड़, अत्ता हुसैन कादरी, श्रीकृष्ण गोदारा, जाकिर नागौरी, आशा देवी स्वामी, भिखाराम मेघवाल, परताराम चौधरी, उमा करल, राजेन्द्र बापेउ, एड. ओमप्रकाश जाखड़, मेवाराम मेघवाल, नितिन वत्सस, नवरतन डागा, गिरधारीलाल प्रजापत, मेवाराम मेघवाल, शिवदान मेघवाल राहुल जादुसंगत, डॉ. प्रीति मेघवाल, अम्बाराम इणखिया, दिलीप कुमार बांठिया, ओमप्रकाश लोहिया, नित्यानंद पारीक, राजकुमारी व्यास, राजपाल नेहरा, अरविन्द मिढ़ा सहित कार्यकर्ता शामिल हुए।

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