बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।
पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया रविवार को बीकानेर आएंगे।
राज्यपाल कटारिया रविवार सुबह 11.25 बजे नाल एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से सर्किट हाउस जाएंगे। कटारिया दोपहर 12.30 बजे गंगाशहर रोड स्थित आदिनाथ भवन जाएंगे, जहां साहित्य संगम के तृतीय राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेंगे।
राज्यपाल कटारिया दोपहर 3.30 बजे गंगाशहर स्थित सेवा सदन पहुंचकर आचार्य रामलाल महाराज एवं उपाध्याय राजेश मुनि जी के दर्शन करेंगे। इसके बाद शाम 4.30 बजे नोखा रोड, गंगाशहर स्थित हंशा गेस्ट हाउस में आयोजित चिकित्सकों के सम्मान समारोह में शिरकत करेंगे।
राज्यपाल कटारिया सायं 5.35 बजे राजस्थान प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र, गंगाशहर पहुंचेंगे, जहां केन्द्र के 75वें वर्षगांठ समारोह एवं अमृत महोत्सव वर्ष के तहत भामाशाह सम्मान समारोह में भाग लेंगे। राज्यपाल कटारिया 28 सितंबर को सुबह 11.25 बजे प्रस्थान करेंगे
राजस्थान प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र की 75 वर्ष की यात्रा का होगा प्रस्तुतीकरण…
राजस्थान प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, गंगाशहर के स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में अमृत महोत्सव समारोह का आयोजन रविवार को किया जाएगा। समारोह में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र तथा प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग देने वाले अनेक भामाशाहों का नागरिक अभिनंदन किया जाएगा। कार्यक्रम रविवार शाम 5 बजे शुरू होगा।
केंद्र के सचिव बनवारी लाल शर्मा ने बताया कि समारोह की अध्यक्षता राजस्थान प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीभगवान अग्रवाल करेंगे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार तथा बीकानेर विधायक जेठानंद व्यास मौजूद रहेंगे।
शर्मा ने बताया कि राजस्थान प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र की स्थापना को 75 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। अमृत महोत्सव के तहत आयोजित समारोह में केंद्र की 75 वर्ष की गौरवपूर्ण यात्रा का विस्तार से वर्णन एवं प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। इस दौरान प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में केंद्र को सहयोग देने वाले भामाशाहों को राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के हाथों सम्मानित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राजस्थान प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र लंबे समय से प्राकृतिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में सेवाएं प्रदान कर रहा है। अमृत महोत्सव के माध्यम से केंद्र की अब तक की उपलब्धियों और भविष्य की दिशा को भी सामने रखा जाएगा।




