नहरबंदी के बाद शीघ्र होगी सुचारू जलापूर्ति, गर्मी के मद्देनजर अधिक मुस्तैद रहें अधिकारी : जिला कलेक्टर




बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।
नहरबंदी के कारण शहर में जलापूर्ति एक-एक दिन के अन्तराल से की जा रही है। भीषण गर्मी के दौर में लोगों टैंकर खरीदने पड़े है, वहीं बिजली की बार-बार हो रही कटौती भी आग में घी डालने का काम कर रही है। इन मुद्दो को लेकर रविवार को जिला कलेक्टर निशांत जैन ने जलदाय, विद्युत, बीकेईएसएल और नहर विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। कलेक्टर ने बार-बार हो रही बिजली कटौती को गंभीरता से लिया और इसमें शीघ्र ही सुधार के निर्देश भी दिए।
जिला कलेक्टर ने नहरबंदी के बाद बीकानेर में सुचारू पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की और कहा कि पेयजल वितरण की स्थितियां सामान्य होने तक के अगले दो-तीन दिन दोनों विभाग पूर्ण गंभीरता से काम करें। उन्होंने टैंकरों से जलापूर्ति की स्थिति जानी और कहा कि टैंकर से जलापूर्ति में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हो।
जलदाय और जल संसाधन विभाग को आपसी समन्वय रखने के साथ बीछवाल और शोभासर जलाशय तक पानी पहुंचने की स्थिति पर वरिष्ठ अधिकारियों को मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मद्देनजर नहरबंदी के बाद भी विभागीय अधिकारियों को पूर्ण मुस्तैद रहना होगा। निचले स्तर तक की मशीनरी को एक्टिव करने और अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल वितरण से जुड़ी प्रत्येक समस्या का त्वरित और समयबद्ध निस्तारण किया जाए। नियंत्रण कक्ष को भी एक्टिव रखने और इस पर प्राप्त समस्याओं को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए।
जिला कलेक्टर ने बीकेएसल और विद्युत निगम के अधिकारियों को भी गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। शहरी क्षेत्र में बार-बार होने वाली बिजली कटौती को गंभीरता से लिया और इसमें सुधार के लिए निर्देशित किया। ग्रामीण क्षेत्र मेंअंधड़ और बरसात के कारण क्षतिग्रस्त होने वाल ट्रांसफार्मर और पोल तथा अन्य कारणों से ट्रांसफार्मर जलने के मामलों में त्वरित कार्यवाही के लिए कहा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को बेवजह परेशानी नहीं हो, इसके लिए विभाग के अधिकारी पूर्ण सतर्क रहें।
इस जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश पुरोहित, अधीक्षण अभियंता खेमचंद सिंगारिया, राजेश पूनिया, विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र मीणा, बीकेएसएल के सुरेंद्र चौधरी सहित जल संसाधन विभाग के अभियंता मौजूद रहे।






