इमली के पानी और खीचड़े से महक रहे गली-मोहल्ले, कल मनाई आखाबीज, आज तीज का उत्सव छाया





बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।
“बोई काट्या हे…ओ पड़े! वो ले …उड़ा रे उड़ा रे…बो काट्यो, बो लूटियो…सरीखे संवेत स्वर आज सुबह से ही चारों गूंज रहे हैं। अवसर है आखातीज का। इस दिन शहरी क्षेत्र में अल सुबह से पतंगबाजी के शौकिनों का छतों पर जमावाड़ा लगा है।

वहीं सड़कों और गलियों में सन्नाटा पसरा है। पतंगबाजी करने वालों के जुनून को तल्ख धूप भी नहीं रोक सकी। छतों पर छांव के पूरे बंदोबस्त करने के बाद लोगों ने पतंगबाजी का जमकर लुत्फ उठाया। छतों पर स्पीकर लगाकर गीतों के साथ थिरकते हुए बीकानेर के मस्त मौला लोग पतंगबाजी के साथ ही शीतल पेय पदार्थों का लुत्फ भी उठा रहे हैं। वहीं आज भी खीचड़ा और आमली का स्वाद इस पर्व की मस्ती को और सुखदायी बना देता है। पतंगबाजी का यह दौर आज शाम तक चलेगा।
आखाबीज पर भी जमकर हुई पतंगबाजी…
आखाबीज को शहर की परम्परा के अनुसार शाम के समय बाजरे का खीचड़ा बनाया गया। इसके साथ बड़ी की सब्जी और दुपटी हुई रोटियां इसके स्वाद को दुगना कर दिया। इस दिन भी सुबह से लेकर दिनभर जमकर पतंगबाजी हुई।

पतंगों और डोर की बिक्री परवान पर…
आखाबीज और तीज को देखते हुए शहर में स्थायी और अस्थाई दुकानों पर पतंग और डोर की जमकर बिक्री हो रही है। यहां पर यूपी के बरेली का धागा काफी पसंद किया जाता है। वहीं अलग-अलग रंगों और डिजाइनों की पतंगे उड़ाई जा रही है।

चायनीज मांझा दिखा रहा आंखे…
जीवन पर भारी पड़ रहा चायनीज मांझे पर प्रशासन चाहकर भी रोक नहीं लगा पा रहा है। हालात इतने विकट है कि एक-एक दिन में ही सौ से ज्यादा लोग इसकी चपेट आकर घायल हो रहे हैं। जान लेवा साबित हो रहे इस मांझे से बचने के लिए स्वयं नागरिकों अपनी दायित्व निभाते हुए इसका बहिष्कार करना होगा, साथ ही जो भी इसका उपयोग कर रहा है, उस पर प्रशासन का सख्ती दिखानी होगी।






