बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।

बिश्नोई समाज और सर्वसमाज के पर्यावरण प्रेमियों कीओर से प्रस्तावित “खेजड़ी बचाओ महापड़ाव” को अब अधिवक्ताओं ने भी समर्थन दे दिया है। शुक्रवार को बीकानेर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने इसे जायज, न्यायसंगत और समय की मांग बताते हुए पूर्ण समर्थन प्रदान किया है। साथ ही इसमें अधिक से अधिक संख्या में महापड़ाव में शामिल होने का आश्वासन दिया गया। साथ ही अधिवक्ता 02 फरवरी को अपना अदालती कार्य स्थगित रखने का भी आश्वासन दिया है।
पर्यावरण प्रेमियों के कार्यकर्ताओं का एक शिष्टमण्डल अध्यक्ष, बार एसोसिएशन, बीकानेर से मिला। शिष्टमण्डल की ओर से खेजड़ी वृक्ष सहित समस्त वृक्षों के संरक्षण एवं वृक्ष रक्षार्थ सशक्त कानून बनाए जाने की मांग को लेकर आयोजित “खेजड़ी बचाओ महापड़ाव” के लिए बार एसोसिएशन से समर्थन की मांग की गई।
इस अवसर पर अध्यक्ष, बार एसोसिएशन, बीकानेर अजय कुमार पुरोहित ने अपनी कार्यकारीणी एवं अधिवक्ताओं की मिटिंग कर सर्व सम्मति से “खेजड़ी बचाओ महापड़ाव” को बार एसोसिएशन की तरफ से पूर्ण समर्थन एवं सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।
उन्होंने बताया कि 02 फरवरी को बीकानेर जिला मुख्यालय पर होने वाले महापड़ाव को बार एसोसिएशन, बीकानेर का पूर्ण समर्थन रहेगा। ऐसे में अधिवक्ता अपना कार्य स्थगित कर महापड़ाव स्थल पर शामिल होंगे।
अध्यक्ष ने कहा कि ‘खेजड़ी वृक्ष राजस्थान की पारिस्थितिकी, जैव विविधता एवं सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न अंग है और इसके संरक्षण के लिए सशक्त कानून बनाया जाना समय की आवश्यकता है। बार एसोसिएशन, बीकानेर राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन से अपेक्षा करती है कि वे इस शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक जन आंदोलन की भावना को समझते हुए सकारात्मक निर्णय लें।
इस दौरान बार सचिव हेमन्त सिंह चौहान, उपाध्यक्ष लेखराम धत्तरवाल, रक्षपाल विश्नोई, धर्मेन्द्र वर्मा, एवं अधिवक्तागण बृज रतन व्यास, कुलदिप शर्मा, बिहारी सिंह राठौड़, सुरेन्द्रपाल शर्मा, कमल नारायण पुरोहित, रघुवीर सिंह राठौड़, मांगीलाल विश्नोई, लक्ष्मीकान्त रंगा, विष्णु भादाणी, भंवरलाल विश्नोई, सुखदेव व्यास, सुरेश नारायण पुरोहित, प्रेम विश्नोई, प्रशान्त कच्छावा, हनुमान विश्नोई, ताराचंद उपाध्याय, रामनिवास विश्नोई, राजेश देवड़ा, मनीष सांखला आदि अधिवक्तागण तथा पर्यावरण प्रेमीयों के कार्यकर्ताओं में पारसमल विश्नोई, रामगोपाल विश्नोई, सुभाष विश्नोई, रिछपाल फौजी आदि मौजूद रहे।






