कोलकाता, निडर इंडिया न्यूज।


“म्है तो सब देवा ने छोड़ रामसा ने ध्यावां…म्हारे मन रे तंदूरे पर थांरी वाणी गावां…खम्मा खम्मा अजमालजी रे लाल ने…बोल रामा राजकुमार ने खम्मा…सरीखे जयकारों की गूंज। कानों में मिठास घोलती शंख-घंटा-नगाड़ों की करतल ध्वनि। यह नजारा आज महानगर में टैगोर स्ट्रीट, मालापाड़ा-सिंघागढ़ स्थित बाबा रामदेवजी मंदिर परिसर में साकार हो रहा था।


अवसर था भक्त डालीबाई की प्रतिमा की प्राण-प्राण प्रतिष्ठा सामारोह का। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने लोक देवता बाबा रामदेवजी के जयकारों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। मंदिर में प्रतिमा की प्रतिष्ठा पंड़ित मनीष पुरोहित के सान्निध्य में हुई। इसके साथ ही चार दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान की पूर्णाहुति हुई। रामदेव बाल मंडल के तत्वावधान में यहां पर आज बसंत पंचमी के दिन भक्त डालीबाई की प्रतिमा स्थापित की गई।

माहौल हुआ भक्तिमय



मूर्ति प्रतिष्ठा से पूर्व आज सुबह डाली की ध्वजा यात्रा (शोभायात्रा) निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए। जयकारों के साथ यह ध्वजा यात्रा रामदेव द्वार से बाबा रामदेवजी के मंदिर से शुरू हुई, जो गणेश मंदिर, पोस्ता से रामदेवजी के प्राचीन मंदिर से साथ मिलकर परिक्रमा हुई।

ध्वजा यात्रा जिधर से निकली माहौल भक्तिमय हो गया, श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा से स्वागत किया। इसके बाद पंड़ित मनीष पुरोहित के सान्निध्य में प्रतिमा का पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके बाद शृंगार किया गया। पूजा-अर्चना के बाद महा आरती हुई। भंडारे का आयोजन किया। शाम को भजन संध्या में कलाकरों ने बाबा रामदेवजी के भजनों से समां बांध दिया। रामदेव बाल मंडल के बिमल केडिया और जेठमल रंगा ने बताया कि प्रतिमा खासतौर पर जयपुर से बनवाई गई है। पूजन में यजमान के रूप में बिमल केडिया शामिल हुए।

सभी फोटो : एसएन जोशी, कोलकाता।







