बीकानेरNidarindia.com राजकीय बालिका गृह के कक्ष निर्माण में खामियां सामने आई है। निर्माण के तकनीकी मापदंडों पर ध्यान नहीं दिया गया।

साथ ही पर्यवेक्षणीय लापरवाही सामने आई है। इसके चलते अब सार्वजनिक निर्माण विभाग के तात्कालिक अधिशाषी अभियंता पंकज यादव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को पत्र भेजा गया है।

जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल ने बताया कि राजकीय बालिका गृह में सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से एक कक्ष बनाया गया था। इसका निर्माण 7 जून 2019 को पूर्ण हुआ। जिला कलक्टर ने 13 जून को बालिका गृह का निरीक्षण किया गया, तो कमरे के दीवार में दरारें पाई गई। इस पर पीडब्ल्यूडी के क्वालिटी कंट्रोल के अधीक्षण अभियंता से जांच करवाई गई। रिपोर्ट में तथ्य सामने आया कि कमरा बड़ा करने के लिए पुरानी दीवार को ड्राइंग के मुताबिक लंबाई में बढ़ाना था। इसके लिए पुरानी दीवार की नींव के बराबर की नींव लेकर नींव से ही नई दीवार की चिनाई कर इसमें दाड़े निकालते हुए जोड़कर आगे प्लिंथ तक एवं ऊपर चिनाई करनी थी।

संबंधित एजेंसी ने इसे अलग यूनिट की तरह चिनाई कर दी और फिर पूरे पर प्लास्टर कर दिया। इसके बाद नया कंस्ट्रक्शन लूज रहा और सीपेज पूरी तरह एक्सपोज हो गया। इस कारण यह डिफ्रेंशियली सेटल हो गया और सीपेज पर प्लास्टर में यह क्रेक दे रहा है।

यह कार्य तात्कालिक अधिशाषी अभियंता पंकज यादव ने करवाया गया था। तकनीकी मापदण्डों का ध्यान नहीं रखने और पर्यवेक्षणीय लापरवाही के मद्देनजर यादव के विरूद्ध कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को पत्र भेजा गया है। यादव वर्तमान में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, जालौर में अधिशाषी अभियंता के पद पर कार्यरत हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *