बीकानेरNidarindia.com राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ(रेस्टा) के तत्वावधान में शिक्षा निदेशालय के समक्ष चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को भी जारी रहा।

पदोन्नतियां नहीं होने से खफा वरिष्ठ शिक्षकों का कहना है कि उनकी मांगे जायज है, इसके बाद भी शिक्षा विभाग सुनवाई नहीं कर रहा है।

प्रदेशाध्यक्ष भैरूराम चौधरी ने रोष जताते हुए कहा कि 03 अगस्त 2021 तक जिस भी वरिष्ठ अध्यापक ने किसी भी विषय में अधिस्नातक की डिग्री पूरी कर ली है, उन सभी को पूर्व अधीनस्थ सेवा नियम 1970 के अनुसार ही वरिष्ठ अध्यापक व्याख्यता पदोन्नति में योग्य मानते हुए नए सेवा नियम में संशोधन करवाते हुए 2021-22, 2022-23 की पदोपति में शामिल कर डीपीसी कराई जाए।

इसी तरह 2013-14 2021-22 तक माध्यमिक से नवक्रमोन्नत लगभग 12000 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पदों का सृजन कर 2021-22 2022-23 की डीपीसी की जाए। वहीं वर्ष 2011 से जब से आरपीएसी द्वारा पूरे राजस्थान स्तर पर वरिष्ठ अध्यापक मैरिट शुरू करने के कारण वरिष्ठता वर्ष 2011-12 से अंतर मंडल स्थानांतरण पर वरिष्ठता विलोपन नहीं की जाए। साथ ही नवसृजित उपप्रधानाचार्य के 50 प्रशित पद सीधी भर्ती से भरने सहित मांगे उठाई। धरने में प्रदेशाध्यक्ष के साथ ही प्रदेश महामंत्री मदन गढ़वाल, संरक्षक सुरेन्द्र सहारण, ओमप्रकाश शर्मा, संगीता आर्या टोडाराम सहित पदाधिकारी शामिल हुए।

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