I want the rule of Bharat Lal…

रामलीला : मैं दो वर मांगती हूं, सच्चे हो रघुवंशी तो पथ से विचलित नहीं होना, भरत लाल का राज चाहती हूं…

बीकानेरNidarindia.com “मैं कौन तुम्हारी होती हूं, क्यों मुझे सताने आए हो, मन में स्वार्थ रखते हो, बातों से मनाने आए हो…नाराज रानी कैकई ने राजा

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