कला जगत : कबीर के निर्गुण भजनों ने किया विभोर, गणगौर गीतों से भक्तिमय हुआ माहौल, धरणीधर परिसर में ‘कला रंग राग’ महोत्सव में दिखा अनुठा संगम,

अंतिम दिन विभूतियों का हुआ सम्मान साक्षी बने सैकड़ोंं कला प्रेमी, लोक वाद्य यंत्रों ने छोड़ी यादगार छाप… बीकानेरNidarindia.com ‘कलकत्ते हालो, गवरियों री मौजां बीकानेर में…,‘आज गुरू आविया रे…,‘मीरा जहर को प्यालो पी गई रे… भक्ति रस, गुरु की महत्ता का बखान करते कबीर के निर्गुण शब्द। तो कमायचा की लोक धुने। ठेठ राजस्थानी लोक गीतों […]
