मंदिरों में लगा दर्शनार्थियों का तांता, नौ दिन बहेगी भक्ति की सरिता

बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।
आदिशक्ति की आराधना का पावन पर्व शारदीय नवरात्रा आज से शुरू हो गए। दोपहर में शुभ मुहूर्त में घर-घर में कलश और घट स्थापना की गई। इसके साथ ही नौ दिन तक चलने वाले देवी आराधना के अनुष्ठान शुरू हो गए। शहर से लेकर गांव तक पूरा माहौल भक्तिमय रहा।
नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गई। घरों के पूजा स्थल को सजाया और जवारे बोए गए। कई परिवारों ने नौ दिन के फलाहारी व्रत का संकल्प भी लिया। घरों में दुर्गा सप्तशती के पाठ शुरू हुए। नत्थूसर गेट बाहर स्थित मां आशापुरा माताजी मंदिर में सवा 12 बजे मुहूर्त केे अनुसार घट स्थापित किया गया। पुजारी नृसिंह, राजकुमार व्यास ने बताया कि नौ दिनों तक मां की विशेष पूजा-अर्चना होगी, साथ ही नवमीं को कन्या पूजन कराया जाएगा।


वहीं त्रिपुरा बाला सुंदरी राजराजेश्वरी मंदिर में पंड़ित ग्वाल दास व्यास के सान्निध्य में घट स्थापित किया गया। पुजारी राम कुमार व्यास ने बताया कि नौ दिनों तक विशेष शृंगार पूजन किया जाएगा। इस दौरान कन्या पूजन भी होगा।
शहर के प्रमुख देवी मंदिरों करणी माता मंदिर, नागणेची जी मंदिर, सुजानदेसर की काली माता मंदिर, करमीसर रोड स्थित सच्चीयाय माता मंदिर, नत्थूसर गेट बाहर स्थित त्रिपुरा बाला सुंदरी मंदिर, मां आशापुरा मंदिर, उष्ट्रवाहिनी, अमरसिंहपुरा और जयपुर रोड स्थित वैष्णधाम मंदिर, वेटरनरी परिसर के करणी माता मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। वहीं सुबह से ही दर्शनार्थियों की लंबी कतारें रही।
भक्तों ने मां के दरबार में नारियल, चुनरी और पुष्प अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिरों में विशेष श्रृंगार किया गया और दिनभर भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। शाम होते-होते मंदिरों में आरती के समय भीड़ और बढ़ गई।नवरात्र को लेकर बाजारों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पूजा सामग्री, फल-फूल, चुनरी और श्रृंगार की दुकानों पर खरीदारी के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ी।





