हरिद्वार में पंडित नथमल पुरोहित के सान्निध्य में कराया जा रहा है पितृ तर्पण
बीकानेर, निडर इंंडिया न्यूज।
पितृ पक्ष / श्राद्ध पक्ष में इन दिनों पितरों की तृप्ति के लिए तर्पण अनुष्ठान चल रहा है। बीकानेर में कई स्थानों पर तर्पण के आयोजन किए जा रहे हैं, जहां श्रद्धालु अपने पितरों के निमित्त पिंडदान, तर्पण करा रहे हैं।

इसी क्रम में तीर्थ नगरी हरिद्वार में भी बीकानेर के विद्वान पंड़ित, कर्मकांड़ी नथमल पुरोहित के सान्निध्य में तर्पण अनुष्ठान कराया जा रहा है। उनके द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पितरों का तर्पण, मार्जन और पिंडदान करवाया जा रहा है।
पंडित नथमल पुरोहित ने बताया कि श्राद्ध पक्ष में किया गया तर्पण सीधे पितरों तक पहुंचता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। शास्त्रों में कहा गया है कि जो व्यक्ति श्रद्धा से पितरों का तर्पण करता है, उसे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। बीकानेर के भी कई परिवार हरिद्वार, गया जी, पुष्कर और कोलायत में जाकर तर्पण करा रहे हैं।
धरणीधर तालाब पर दस अक्टूबर को होगी पूर्णाहुति…

पंड़ित नथमल जी पुरोहित के शिष्य पंड़ित गोपाल ओझा के सान्निध्य में बीकानेर के धरणीधर तालाब पर रोजाना तीन पारियों में तर्पण अनुष्ठान कराए जा रहे हैं। पंड़ित ओझा के अनुसार 9 अक्टूबर को शहीदों और महापुरुषों के निमित तर्पण कराएं जाएंगे। वहीं अगले दिन अमावस्या (10 अक्टूबर) को तर्पण अनुष्ठान की पूर्णाहुति होगी। इस दिन दस विधि स्नान, हेमाद्री संकल्प के साथ तर्पण कराया जाएगा।
इससे पूर्व अल सुबह 4:30 बजे से धरणीधर महादेव मंदिर में भगवान शंकर का दुग्धाभिषेक और पूजन होगा। इसके बाद तालाब पर तर्पण कर्म शुरू किया जाएगा। वहीं महानंद महादेव मंदिर परिसर में 10:30 बजे से हवन के साथ ही एक पखवाड़े से चले आ रहे तर्पण अनुष्ठान की पूर्णाहुति होगी।
गौरतलब है कि धरणीधर तालाब के दूसरे छोर पर पंड़ित नवरतन व्यास के सान्निध्य में तर्पण अनुष्ठान चल रहा है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भागीदारी निभा रहे हैं। अनुष्ठान की पूर्णाहुति अमावस्या के दिन होगी।




