बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।
भारतीय राष्ट्रीय ट्रांसपोर्ट कर्मचारी फेडरेशन (इंटक), भारतीय राष्ट्रीय ऑटो ड्राइवर यूनियन और कार टैक्सी यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन कर रोष जताया।
फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष हेमन्त किराडू के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में ट्रांसपोर्टकर्मियों ने राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को मांग पत्र सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि फिटनेस और लाइसेंस जैसे कार्य निजी हाथों में दे दिए गए हैं, जिसके कारण वाहन चालकों से निर्धारित फीस के अलावा मोटी रकम की अवैध वसूली की जा रही है।
आरटीओ कार्यालय में ऑनलाइन कार्य करने के लिए लगाए गए कार्मिक नौसिखिया हैं, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मांग पत्र में कहा गया कि वाहनों पर लगने वाले टैक्स में एकरूपता लाई जाए तथा समस्त राज्यों में आरटीओ के कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही वाहनों में मोबाइल नंबर अंकित करना अनिवार्य किया गया है, जबकि ओटीपी वाहन चालक के मोबाइल पर भेजी जाती है, जिससे चालक और मालिक के बीच विवाद की स्थिति बनती है। इस प्रथा को तत्काल बंद किया जाए।
प्रदर्शन में समीर खान, हीरा राम बिश्नोई, जाकिर पडिहार, ब्रज मोहन साध सहित बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्ट वर्कर्स उपस्थित रहे। फेडरेशन नेता हेमन्त किराडू ने बताया कि इस संबंध में राज्य के परिवहन मंत्री एवं परिवहन आयुक्त को भी पत्र लिखा गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो ट्रांसपोर्ट वर्कर्स प्रदेश भर में चक्का जाम आंदोलन करने को बाध्य होंगे।




