
बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।

“धुन लागी-लागी मन्हे धुन लगाी…मैं रुणिचे में जाऊ रामदेवजी का दर्शन पाऊ…भादव माह आते ही मेल-मगरियों का सीजन शुरू हो जाता है। खासकर लोक देवता बाबा रामदेवजी के दर्शन के लिए लाखों की तादाद में लोग पैदल ही जाते है। इसके लिए आस्थावान लोगों में एक धुन सी लग जाती है।
वहीं दूसरी ओर पैदल जातरुओं की सेवा के लिए सेवा संस्थाएं भी पलक-फावड़े बीछा देती है। कई सेवा संस्थाएं कोलकाता, मुम्बई, मद्रास, दिल्ली सरीखे महानगरों से आती है। मेला अब ज्यादा दूर नहीं है, ऐसे में पैदल संघों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली है। तो सेवादार भी मुस्तैद हो गए हैं। अलग-अलग संस्थाएं अपनी तैयारियां में जुटी है।
कल गाजे-बाजे से रवाना होगा सेवा संकल्प रथ…
श्री बीकानेर ब्राह्मण स्वर्णकार सेवा ट्रस्ट की ओर से बीते 42 साल से पैदल जातरूओं की सेवा के लिए शिविर लगाया जाता है। इस साल कल 9 सितंबर को शोभायात्रा के रूप में ट्रस्ट के कार्यकर्ता व पदाधिकारी सेवा संकल्प रथ लेकर रवाना होंगे।
ट्रस्ट से जुड़े कैलाश सोनी के अनुसार यह रथ आर्य समाज स्कूल के पास से रवाना होगा, जो कोचरों के चौक होते हुए सुनारों की छोटी गवाड़, सुनारों की बड़ी गवाड होते हुए तीन खम्भों तक पहुंचेगा।
यहां से यह सेवा संकल्प पैदल जातरूओं के लिए रवाना हो जाएंगे। इस शोभा यात्रा के लिए बाबा रामापीर का सेवा संकल्प रथ सज-धज कर तैयार हो गया है व सेवा के सभी प्रबन्ध पूरे कर लिये गये है। शोभा यात्रा के पश्चात सारे कार्यकर्ता विभिन्न साधनों से सेवा स्थल पर
पहुंच कर 12 दिन तक पैदल जातरूओं की सेवा करेगें।



