शिक्षा : शिक्षकों ने भरी हुंकार, पदोन्नति अहसान नहीं अधिकार है के नारों की गूंज - Nidar India

शिक्षा : शिक्षकों ने भरी हुंकार, पदोन्नति अहसान नहीं अधिकार है के नारों की गूंज

बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज। 

ग्रीष्मावकाश कटौती बहाल करो, बहाल करो! “गैर शैक्षणिक कार्य से मुक्त करो, मुक्त करो!” पदोन्नति अहसान नहीं, हमारा अधिकार है, “तृतीय श्रेणी पदोन्नति का अधिकार, सात वर्षों से क्यों उधार? तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण तुरंत खोलो!” कुछ इस तरह की नारेबाजी से गुरुवार को एसडीएम कार्यालय परिसर गूंज उठा। अवसर था समस्याओं का समाधान नहीं होने से खफा शिक्षकों के आंदोलन के आगाज का।

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के प्रदेशव्यापी आह्वान पर बीकानेर नगर की ओर से प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय पर जमकर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया।इसके बाद मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम एक ज्ञापन महिमा कंसारा उपखंड अधिकारी बीकानेर को दिया।

शिक्षकों के सम्मान, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई
इससे पूर्व हुई सभा में पर्वयेक्षक और प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य ने कहा कि यह आंदोलन केवल मांगों का नहीं, बल्कि शिक्षक के सम्मान, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई है। शिक्षक राष्ट्र का निर्माता है, लेकिन आज दुर्भाग्य से वही निर्माता अपने मूलभूत अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने चेताया कि हमारी चुप्पी को कमजोरी समझ कर अधिकारी मनमाने और अव्यवहारिक आदेश जारी कर रहे हैं, जिससे पूरे शिक्षक वर्ग में भारी असंतोष व्याप्त है।

आचार्य ने ग्रीष्मावकाश और संस्था प्रधान अवकाश कटौती को गलत बताते हुए कहा कि विद्यालय शिक्षा में नवाचार के नाम पर शिक्षा,शिक्षक एवं शिक्षार्थियों के साथ किए जा रहे विनाश को संगठन सहन नहीं करेगा। महिला मंत्री चंद्रकला भादानी ने भी शिक्षकों के अधिकारों मांग पूरजोर ढंग से रखी।

वित्त और शिक्षा विभाग के समन्वय की कमी से शिक्षक परेशान
जिला मंत्री नरेंद्र आचार्य ने प्रशासनिक ढुलमुल रवैये पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग एवं शिक्षा विभाग के आपसी समन्वय के अभाव का खामियाजा आज प्रदेश के हजारों शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। दोनों विभागों की फाइलों के फेर में शिक्षकों के वेतन, पदोन्नति और वित्तीय स्वीकृतियां अटकी पड़ी हैं, जिससे शिक्षक खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। सरकार को तुरंत दोनों विभागों के बीच सामंजस्य बिठाकर लंबित समस्याओं को दूर करना चाहिए।

इन मांगों का किया जाए निस्तारण…

महासंघ के ब्लॉक अध्यक्ष महेश छीपा ने बताया कि ज्ञापन के जरिए प्रमुखता से सत्र 2026-27 के लिए जारी शिविरा कैलेंडर में तुरंत आवश्यक संशोधन किया जाए। शिक्षकों को मिलने वाले ग्रीष्मावकाश सहित सभी प्रकार के अवकाशों को यथावत रखा जाए और उनमें किसी भी प्रकार की कटौती नहीं करने,तृतीय वेतन श्रृंखला सहित शेष सभी संवर्गों के शिक्षकों के स्थानांतरण (तबादले) तुरंत खोले जाने और तृतीय श्रेणी शिक्षकों की विगत 7 वर्षों से लंबित चल रही। पदोन्नतियों को अविलंब पूरा करने, वर्ष 2019 से अब तक क्रमोन्नत हुए सभी विद्यालयों में पदों की वित्तीय स्वीकृति जारी करते हुए स्टाफिंग पैटर्न के अनुसार नए पद सृजित कर पदस्थापन करने,प्रबोधकों एवं तृतीय वेतन श्रृंखला के शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगति को दूर किया जाए। संविदा शिक्षकों को तुरंत नियमित किया जाए और राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) को सुचारू रूप से जारी रखा जाए।

यह हुए शामिल…

प्रदर्शन के दौरान प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य, ब्लॉक अध्यक्ष महेश छीपा, सुरेश खेशवानी, प्रवीण टॉक, विनोद पुनिया, भावना मक्कड़,विमला सोनी, रजनी गुजर,विकास वर्मा,जिला मंत्री नरेंद्र आचार्य ,मोहम्मद रमजान, रचना, लोकेश, आनंद व्यास, सोम कुमार, सुमन ओझा, नीलम,लक्ष्मी शर्मा, खुशबू जैन सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

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