बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।





नगर स्थापना दिवस पर बीकानेर में पतंगबाजी की परम्परा रही है। इसका निर्वाह आज भी होता है, लेकिन आजकल हंसी-खुशी के पर्व में भी उस समय में मायुसी छा जाती है, जब पतंगबाजी करते समय लोग जानलेवा चाइनीज मांझे का उपयोग करते हैं। वे पतंगबाज यह नहीं जानते है कि आप जिस मांझे का उपयोग पतंग काटने के लिए ले रहे हैं, वो असल में लोगों के गले काट रहा है।
इस पर प्रतिबंध होने और अंकुश लगाने के प्रशासन के दावे हर बार खोखले साबित हो रहे हैं। हर साल न जाने कितने बेजुबां पक्षी-पशुओं के साथ ही मनुष्य का जीवन में भी खतरे में पड़ रहा है। बीते दिनों देशनोक से बीकानेर आ रहे एक परिवार के छोटे बच्चे का जीवन ही यह घातक मांझा लील गया। वहीं शहर में इन दिनों कई चाइनीज मांझे होने वाली दुर्घटनाएं सामने आ रही है। ऐसे में कई संस्थाएं इसके खिलाफ लोगों को जागरुक भी कर रही है।

जीडीएम पब्लिक स्कूल में बच्चों ने ली शपथ…
चाइनीज मांझे पर रोक लगे और इसका उपयोग नहीं करें, इसके लिए पूगल रोड स्थित जीडीएम पब्लिक स्कूल में शपथ दिलाई गई। विद्यालय प्रबंधन इस बात का संदेश दिया कि पतंगबाजी करते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को बताया कि कैसे बीते दिनों इस मांझे ने एक सात साल के बच्चे की जान ले ली। साथ ही यह राहगीरों और पशु-पक्षियों के लिए भी जान लेवा है।
ऐसे में इसके उपयोग से बचे। स्कूल प्रिंसिपल ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को सादे धागे से पतंग उड़ाने के लिए प्रेरित करें और दूसरे मांझे की अनुमति नहीं दें। ताकि जीवन पर जोखिम नहीं आए।





