बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।


“छोड़ गवरल ईसर रो दुपट्टो…खेलण दो गणगौर…गगन कोटा सूं गवरल उतरी री रे…सरीखे गणगौर भजनों की स्वर लहरियों से बुधवार रात को गायत्री माता मंदिर के समीप स्थित बोहरा निवास परिसर गूंज उठा। अवसर था बाराहमासा गणगौर महोत्सव का।
यहां पुजारी बाबा की गणगौर मंडली ने भजनों की ऐसी प्रस्तुति दी कि श्रोता देर रात तक मंत्रमुग्ध होकर बैठे रहे। नगाड़ों की ताल और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गणगौर भजन प्रस्तुत किए, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बन गया।
कार्यक्रम की शुरुआत गणगौर माता के विधिवत पूजन के साथ हुई। इसके बाद भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। महिलाओं और युवतियों ने भी पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेकर उत्सव की शोभा बढ़ाई।
आयोजकों के अनुसार, 30 मार्च को बारहमासी गणगौर उपवास की पूर्णाहुति की जाएगी। इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और प्रसादी वितरण का आयोजन किया जाएगा। शहरभर में चल रहे इस तरह के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से बीकानेर में गणगौर पर्व की रौनक और भी बढ़ गई है।
गौरतबल है कि शहर में इन दिनों गणगौर उत्सव की रंगत छाई हुई है। बालिका गणगौर की विदाई के साथ ही घर-घर धींगा गणगौर का पूजन आरंभ हो गया है, वहीं बारहमासा गणगौर की तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं। गली-मोहल्लों में गणगौर माता के पारंपरिक गीतों की गूंज से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। महिलाएं जहां श्रद्धा के साथ पूजन कर रही हैं, वहीं पुरुष मंडलियां भी सामूहिक रूप से गणगौर गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दे रही हैं।






