नत्थानियों की सराय क्षेत्र का मामला, विद्युत तंत्र बताया जा रहा है जर्जर

बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।
शहर के नत्थानियों की सराय क्षेत्र में मंगलवार को बिजली कंपनी की कार्रवाई के बाद हंगामा खड़ा हो गया। बड़ी संख्या में लोगों ने इसका विरोध किया और नत्थूसर गेट के बाहर जाम लिया। एकत्रित भीड़ ने टायर जलाकर रास्ता जाम किया। काफी मश्कत के बाद पुलिस पहुंची और लोगों से समझाईश की। जाम के दौरान जमकर नारेबाजी भी की।

पार्षद दुर्गा दास छंगाणी, भाजुमो नेता वेद व्यास, कांग्रेस के शहर अध्यक्ष मदन मेघवाल, अरुण व्यास, कमल कल्ला के साथ ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। सभी ने एक राय में कंपनी अभियंताओं को मौके पर बुलाने की मांग उठाई। लोगों का आरोप था कि बिजली कंपनी ने बिना किसी सूचना के घरों में घुसकर मीटर उतारने की कार्रवाई करने लगे। शहर में इन दिनों सामूहिक सावे की तैयारियां चल रही है, घरों में शादी विवाह का माहौल है। इसलिए कार्रवाई से लोगों में रोष फैल गया।
कंपनी का आरोप काम में बाधा डाली

एक तरफ लोगों ने विरोध करते हुए रास्ता जाम किया, तो दूसरी और कंपनी के सीईईओ का आरोप है कि विद्युत तंत्र को सुधारने के लिए गई टीम की कार्रवाई में बाधा पहुंचाई। कंपनी प्रवक्ता की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार लोगों ने विद्युत तंत्र ठीक करने का काम नहीं करने दिया जबकि कम्पनी की टीम स्थानीय नागरिकों के कहने पर ही गई थी।
बीकेईएसएल के सीओओ हरीश चन्द्र सिंह के अनुसार इस क्षेत्र का विद्युत तंत्र पूरी तरह से जर्जर हो चुका है और इसे सुधारने की जरूरत थी। इसी आधार पर कम्पनी की टीम वहां गई, जब कर्मचारी वहां तंत्र का सुधारने का काम करने के साथ घरों के अन्दर लगे मीटरों को बाहर करने लगे तो कुछ लोग इसका विरोध करने लगे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान कर्मचारियों के साथ धक्का मुक्की की गई। सीईईओ के अनुसार कंपनी चाहती है कि अगली गर्मियों में लोगों को निर्बाध रूप से बिजली की आपूर्ति मिलती रहे इसके लिए तंत्र का सुधारना जरूरी है।
इस क्षेत्र के दो ट्रांसफारमर में ओवरलोडिंग है जिससे लोगों को पूरी तरह से बिजली नहीं मिल रही है। यहां करीब 70 प्रतिशत चोरी हो रही है और खुले तार होने से दुर्घटना की आशंका रहती है। कम्पनी इन तारों को कवर करना चाहती है। कम्पनी लोगों की सुरक्षा और विद्युत आपूर्ति को प्राथमिकता दे रही है। इस क्षेत्र के विद्युत तंत्र को सुधारने का जहां कुछ लोग विरोध कर रहे थे, वहीं काफी लोग इसकी सराहना कर रहे थे जिससे उन्हें गर्मियों में पूरी बिजली मिलती रहे। कम्पनी की दो गाड़ी भी रोक ली और कर्मचारियों को आधा अधूरा काम छोड़कर वापस आना पड़ा जिससे बिजली आपूर्ति दो-तीन घंटे बन्द रही।






