बीकानेर : कल 1,662 पल्स पोलियो बूथ पर 0 से 5 साल के बच्चों को पिलाएं दो बूंद - Nidar India

बीकानेर : कल 1,662 पल्स पोलियो बूथ पर 0 से 5 साल के बच्चों को पिलाएं दो बूंद

नगर विधायक जेठानंद व्यास करेंगे एसडीएम जिला अस्पताल से अभियान का जिला स्तरीय उद्घाटन

बीकानेर,निडर इंडिया न्यूज। 

“दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत रहे बरकरार” के मूल मंत्र के साथ रविवार 23 नवंबर को जिले के 0 से 5 वर्ष तक के नौनिहालों को पोलियो वायरस से बचाने उप राष्ट्रीय पल्स पोलियो महाअभियान में 1,662 पल्स पोलियो बूथ लगाए जाएंगे।

बीकानेर सहित राजस्थान के 42 जिलों में यह उप अभियान चलाया जा रहा है। जिले की समस्त अस्पतालों, चुनिंदा आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों तथा सार्वजनिक परिसरों पर पोलियो खुराक पिलाने की व्यवस्था की गई है। रविवार को प्रातः 8 से सायं 5 बजे तक जागरूक माता-पिता अपने 0 से 5 साल तक के बच्चों को बाईवेलेंट पोलियो वैक्सीन की दो बूंद खुराक पिलाने लाएंगे।
नगर विधायक बीकानेर (पश्चिम) जेठानंद व्यास अभियान का जिला स्तरीय उद्घाटन एसडीएम जिला अस्पताल, जस्सूसर गेट के बूथ पर सुबह 9:30 बजे करेंगे। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त  मयंक मनीष भी मौजूद रहेंगे। वही अन्य बूथों का उद्घाटन भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से करवाया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पुखराज साध ने अपील की है कि जिले का एक भी बच्चा इस जीवन रक्षक खुराक से वंचित न रहे। चाहे एक दिन पहले ही पोलियो खुराक क्यों ना दी गई हो, रविवार को फिर से खुराक अवश्य दिलाई जाए। क्योंकि भारत बेशक 14 वर्ष से पोलियो मुक्त हो चुका है परंतु पड़ोसी देशों में वायरस मौजूद है।

जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश गुप्ता ने बताया कि उप राष्ट्रीय पल्स पोलियों महा अभियान के तहत 23 नवंबर को जिले में 1,662 बूथ, 59 ट्रांजिट टीम, 67 मोबाइल टीम्स, 332 सुपरवाइजर व 6 हजार से अधिक वैक्सीनेटर्स की सहायता से 4,26,254 बच्चों को बाईवेलेंट पोलियो वैक्सीन पिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर तैनात रहेगी ट्रांजिट टीमें
डॉ राजेश गुप्ता ने बताया कि जिले मे 86 वैक्सीन डिपो द्वारा कोल्ड चैन मेन्टेन रखते हुए वैक्सीन आपूर्ति कर दी गई है। समस्त प्रमुख बस स्टेंडों और रेलवे स्टेशन पर बच्चों को पोलियो वैक्सीन पिलाने के लिए ट्रांजिट टीम और ईंट भट्टे, स्लम-कच्ची बस्तियों, ढाणियों, घूमंतु जाति, रोड साइड कन्स्ट्रक्शन साइट जैसे हाई रिस्क एरिया के लिये मोबाइल टीमों का गठन भी किया गया है। जिले के 177 हाई रिस्क एरिया पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

अभियान की सफलता के लिए नर्सिंग कॉलेज, रोटरी क्लब, लॉयंस क्लब, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, स्काउट गाइड व स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा।

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