बीकानेर : दीपावली की तिथि को लेकर असमंजस, अब फिर आई नई तिथि सामने, इन पंड़ितों ने किया यह निर्णय, देखे वीडियो... - Nidar India

बीकानेर : दीपावली की तिथि को लेकर असमंजस, अब फिर आई नई तिथि सामने, इन पंड़ितों ने किया यह निर्णय, देखे वीडियो…

बीकानेर,निडर इंडिया न्यूज। 

दीपावली की तिथि को लेकर इस बार भी असमंजस की स्थिति है। मंगलवार को कई पंड़ितों भागवताचार्य विद्वानों ने रत्ताणी व्यास पंचायती बागेची में एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर पंचागों, शास्त्रों का हवाला देते हुए इस बार दीवाली 21 अक्टूबर को मनाने का निर्णय दिया।

इस दौरान पत्रकारों के समक्ष पंड़ितों ने शास्त्रोक्त प्रमाण रखते हुए 21 अक्टूबर को ही दीपावली पर्व मनाने को शास्त्र सम्मत बताया। विद्वानो ने धर्मग्रंथों और ज्योतिषीय ग्रंथों ऋषि वचनों और संस्कृत के श्लोकों के माध्यम से शास्त्रीय प्रमाण भी रखे। भागवताचार्य पंड़ित महेंद्र व्यास ने पंचांग और ग्रंथाे का तर्क दिया।

साथ ही बताया कि प्रथम दिन अमावस्या प्रदोष व्यापिनि हो और दूसरे दिन अमावस्या तीन प्रहर से ज्यादा हो और अमावस्या से ज्यादा प्रतिपदा के मान का समय ज्यादा हो तो दीपावली दूसरे दिन ही मनाई जानी चाहिए। यानि प्रतिपदा एकम वृद्धिगामिनी हो तो ही यह शर्त लागू होती है तो दूसरे दिन लक्ष्मीपूजा करे। व्यास के अनुसार शास्त्र के आधार पर यह निर्णय उत्तम ओर शुद्ध है।

 

ज्योतिषाचार्य पंड़ित भगवान दास व्यास ने बताया कि  हिंदू पंचांग एवं शास्त्रों के अनुसार, दिवाली (दीपावली) पर्व का उत्सव कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है।

प्रेस वार्ता में शामिल पंड़ित नितेश व्यास, पंड़ित श्रवण व्यास, पंड़ित सुशील व्यास, पंड़ित भाई श्री व्यास,पंड़ित महेंद्र व्यास महाराज, पंड़ित कुंज बिहारी व्यास, पंड़ित संजय कृष्ण भारद्वाज,पंड़ित सुशील व्यास,सुरेंद्र व्यास,अरुण, संजय, अविनाश, आशाराम व्यास,अभय व्यास ने एक स्वर में कहा कि वैदिक ज्योतिष के अनुसार 21 को अमावस्या प्रतिपदा युक्त व्रद्धि गामी और प्रदोष काल (संध्या समय) व्याप्त है। साथ ही लक्ष्मी पूजन का विधान अमावस्या पर ही होता है, जो 21 अक्टूबर को पूर्णतः उपलब्ध रहेगा। गौरतलब है कि बीते दिनों कई विद्वानों, पंड़ितों और शास्त्र ज्ञाताओं ने दीपावली को 20 अक्टूबर को मनाने का निर्णय दिया था और उसे शास्त्रोक्त बताया था।

 

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