कोलकाता.बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।

महानगर कोलकाता में भारतीय विद्या मन्दिर के तत्वावधान में दो दिवसीय ” युवा शास्त्रीय गायन-वादन संगीत समारोह का आगाज शनिवार को हुआ। धर्मतल्ला में आयोजित कार्यक्रम में देश के महानगरों से आए युवा कलाकारों ने शास्त्रीय संगीत कला की प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। युवाओं ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की गायन, वादन शैली का प्रदर्शन कर सभी को मंत्रमुग्द कर दिया। इस सम्मेलन में देश की ख्यातिनाम अकादमी के विद्यार्थी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं बीकानेर की श्री शास्त्रीय संगीत कला मंदिर के विद्यार्थियों ने पहले दिन के कार्यक्रम में अपनी गायन शैली से छाप छोड़ी। हवेली गायक पंड़ित नारायण रंगा के सान्निध्य में युवा कलाकारों ने शास्त्रीय संगीत की बंदिशें, अष्टछाप कवियों की रचनाओं की दमदार प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध सितार वादक-संजीव बंधोपाध्याय ने की। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में रवि प्रभा बर्मन मौजूद रहे। पुष्टिमार्गीय हवेली संगीत विषय के मुख्यवक्ता डॉ.बिट्ठल दास मूंधड़ा थे। कार्यक्रम में श्री शास्त्रीय संगीत कला मन्दिर, बीकानेर,पंड़ित जसराज अकादमी, मुम्बई,कलकता सहित कई संस्थाओं के 8 से 25 साल के युवा गायको को अवसर दिया जा रहा है। बीकानेर से पहुंची टीम में श्री शास्त्रीय संगीत कला मंदिर की 4 छात्राएं शामिल है। इसमें कुमारी अक्षरा पुरिहित, जया व्यास,पूजा शर्मा और शिवन्या आचार्य ने आठ कीर्तन पद सुनाए।
गणेश वंदना से शुरू…
कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ। इसके बाद कलाकारों ने “मँगल गोपी मँगल ग्वाल, मँगल हैं यशोदा जी रो लाल (मँगला आरती) सुनाई। कार्यक्रम में युवा विद्यार्थियों ने “सुनोरी आज नवल बधायो हैं (महाप्रभु श्री बलभ्भाचार्य जी की बधाई)’ बाजत बधाईयाँ वे सैंया नन्द दे दरबार(जन्माष्टमी बधाई),कहन लगे मोहन मैया-मैया(बाललीला का पद), हरि आयो,हरि आयो,आयो बृज रो वासी आयो,ब्रज वेद बदत बरसानों(ब्याह का त्तालोटा), हो हो जमुना किनारे,झिलमिल करे तारे,जहां बांसुरी बजाये यशोदा का लड़का,जिसे सुन-सुन राधाजी कस दिल धड़का(महारास), मैं तो छिप गई लाज की मारी, आवत मोरी गलियन में गिरधारी,रानी तेरो चिरजियो गोपाल (आशीष का पद),आजा साँवरिया गिरधारी, मैं तो विनती कर-कर हारी(झूला), भरोसे दृढ़ इन चरणन करो( आश्रय का पद) की मधुर प्रस्तुतियां देकर अपनी अलग छाप छोड़ी। तबला संगत धीरज पुरोहित ने की। वहीं मंजीरों पर संगत ख्यातनाम सितार वादक, स्पिक मैके राजस्थान के राज्य समन्वयक दामोदर तंवर ने की।





