बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।


कृष्णगिरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु विजयानन्द गिरी महाराज ने कहा कि शक्तिमय पतित पावन विश्व प्रसिद्ध तीर्थ धाम श्रीपार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ कृष्णगिरी कलयुग में भी ऐसा चमत्कारिक स्थल जहां जहां स्वयं श्री आदिशक्ति जगतजननी राजराजेश्वरी देवी मां पद्मावतीजी विराजित है। उन्होंने कहा कि पात्र अच्छा हो तो पदार्थ भी अच्छा ही रहेगा। आत्मा को सर्वशक्तिमान बताते हुए मनुष्य को प्राणी मात्र के कल्याण के लिए कार्य करने और सदैव प्रसन्न रहने की सीख भी उन्होंने दी।
महाराज के पावन सान्निध्य में गंगाशहर मार्ग पर अग्रवाल भवन परिसर मेंचल रहे विराट चैत्र नवरात्रि कथा यज्ञ महामहाेत्सव पर्व में श्रीदेवी भागवत महापुराण कथा यज्ञ पूजा महोत्सव का आयोजन भव्यता से अलौकिक आध्यात्मिक दैवीय ऊर्जा प्रवाहित करते हुए सुचारु रुप से चल रहा है।

वीरवार को अष्टमी तिथि विशेष मां महागौरी देवी के प्रसंग का उल्लेख उन्हाेंने किया। उन्होंने कहा कि नवरात्रि शक्ति की पूजा का पर्व है। सनातन संस्कृति में गृहस्थ जीवन को सफल और संतुलित बनाने के लिए शक्ति पूजन, शक्ति संचय और शक्ति संवर्धन अत्यंत आवश्यक माना गया है। उन्होंने भगवती की अनन्य कृपा से कोई भी गुरु बने हो, उनकी महिमा का अर्थात् गुरुतत्व का सही अर्थ समझाया। उन्होंने कहा कि प्रभाव का तरंग पूजा को निश्चित सिद्ध करता है। उन्हाेंने कहा कि साधक शुद्ध औऱ निःस्वार्थ है तो संसार का कोई देवी देवता उनसे ऊपर नहीं है।
भजनोंं की प्रस्तुति पर श्रद्धालु झूमे
कथा स्थल पर संगीतमय भजनों में कृष्णगिरी वाली कैसा जादू किया कैसे बतलाऊं मैया क्या-क्या दिया, आ मां आ तुझे दिल ने पुकारा, नाम अंबेरानी का दुखड़े मिटाने वाला है, मां कहने से मिलता आराम जगत में मां का प्यारा नाम सरीखी भक्तिमय प्रस्तुतियों ने श्रद्धालु झूमने पर मजबूर किया।
व्यसनमुक्त समाज की सुदृढ़ संरचना में युवाओं की भागीदारी ज़रूरी..
इस मौके शक्ति पीठाधीश्वर ने यह भी कहा कि व्यक्ति को कोई काम न क्षमता से अधिक और ना ही क्षमता से कम करना चाहिए। इसके लिए सेवा भक्ति में सम्मानपूर्वक त्यागमय समर्पण अति आवश्यक है। जगद्गुरु ने इस अवसर पर श्रद्धावान जनसमूह को संबोधित करते हुए मेक इन इंडिया और स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने और वर्तमान पीढ़ी में सदाचार, सद्गुण, संस्कार, साहस, सकारात्मक विचार, जोश, विश्वास सरीखे शब्दों को विस्तार से परिभाषित किया तथा व्यसनमुक्त समाज की सुदृढ़ संरचना में युवाओं की भागीदारी को भी ज़रूरी बताया। सियाराम मंदिर में शुक्रवार काे 1008 किलो से अधिक दूध के पेड़े का भोग अर्पण होगा।
आयोजन स्थल पर अस्थाई रूप से बने 15 मंदिरों में प्रभु सिया राम मंदिर में रामनवमी के अवसर विशेष पर शुक्रवार को 1008 किलो से अधिक दूध के पेड़े का भोग अर्पण किया जायेगा। यही प्रसाद बाद में व्यापक स्तर पर निःशुल्क भोजन भंडारे में श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा। साथ ही भगवान राम के अनन्य कृपा पात्र पवन पुत्र हनुमानजी महाराज के साक्षात दर्शन भी उपस्थित श्रद्धालुओं को पंडाल में पूज्यपाद जगद्गुरु वसंत विजय विजयानंद गिरी जी महाराज अपने सिद्ध साधना के शक्तिपात बीज मंत्रों के उच्चारण से कराएंगे। इसी दौरा
वसंत विजयानंद गिरि महाराज के सान्निध्य में चल रहे चैत्र नवरात्रि महामहाेत्सव में रात्रि प्रहर में आयाेजित ऐतिहासिक रुप से पहली बार देवी भागवत कथा सुनने के लिए, रोग, दुःख कष्ट मिटाने स्वयं चमत्कारी अनुभव प्राप्त करने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालूओं का सैलाब पिछले तीन दिन से इतना उमड़ रहा है कि पंडाल भी छाेटा पड़ रहा है।






