बीकानेर,निडर इंडिया न्यूज।

गर्भवतियों की हर माह 9, 18 तथा 27 तारीख को निशुल्क चिकित्सकीय प्रसव पूर्व जांच के लिए देश भर में चलाए चल रहे प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट सेवा प्रदाताओं को जिला स्तरीय पुरस्कार समारोह में सम्मानित किया गया। शनिवार को हुए समारोह में उपनिदेशक डॉ राहुल हर्ष, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पुखराज साध, जिला प्रजनन अस्पताल शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ भवानी शंकर गहलोत ने विजेताओं को स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।

कार्यक्रम के दौरान उपनिदेशक बीकानेर जोन डॉ. राहुल हर्ष ने कहा कि वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू किए गए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह की 9 तारीख को सभी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा प्रसव पूर्व जांच की जाती है। बाद में इसे विस्तारित करते हुए 18 एवं 27 तारीख को भी यह सेवाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य “मां वाउचर योजना” के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को निशुल्क सोनोग्राफी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध ने कहा कि सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के लिए पीएचसी, सीएचसी, उपकेंद्रों तथा अस्पतालों में ओपीडी व आईपीडी सेवाओं का अनुशासित और गुणवत्तापूर्ण संचालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रत्येक अस्पताल से प्रतिदिन ओडीके ऐप के माध्यम से ऑनलाइन रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डॉ. साध ने बताया कि विभागीय प्रयासों से शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) और मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) में उल्लेखनीय कमी आई है, हालांकि लक्ष्य अभी भी दूर है और इसके लिए सभी को समर्पित प्रयास करने होंगे।
आरसीएचओ डॉ. भवानी शंकर गहलोत ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न घटकों जैसे एएनसी, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, मां वाउचर योजना, पीएमएसएमए तथा किलकारी मोबाइल सेवा की प्रगति प्रस्तुत करते हुए सम्मानित कार्मिकों को बधाई दी।
डिप्टी सीएमएचओ (स्वास्थ्य) डॉ. लोकेश गुप्ता ने सुरक्षित मातृत्व के साथ-साथ ब्रेस्ट कैंसर एवं सर्वाइकल कैंसर की नियमित स्क्रीनिंग को भी मातृ स्वास्थ्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण अंग बताया। जिला टीबी अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर मोदी ने मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स तथा आईएमआर-एमएमआर के डेमोग्राफिक विश्लेषण पर प्रकाश डाला।
जिला ड्रग वेयरहाउस प्रभारी डॉ. नवल किशोर गुप्ता ने कहा कि अधिकांश क्षेत्रों में स्टाफ की उपलब्धता पर्याप्त है, आवश्यकता है जिम्मेदारीपूर्वक सेवाएं देने की। जिला गुणवत्ता प्रबंधक सुनील सेन ने लेबर रूम प्रोटोकॉल, प्रसव वॉच कार्यक्रम एवं सुरक्षित डिलीवरी प्रबंधन पर तकनीकी प्रस्तुति दी।
संचालन जिला कार्यक्रम समन्वयक मालकोश आचार्य ने किया। कार्यक्रम में जिला पीसीपीएनडीटी समन्वयक महेंद्र सिंह चारण, ब्लॉक सीएमओ डॉ. कैलाश गहलोत, डॉ. विभय तवर, डॉ. शिवराज सिद्ध, डॉ दुर्गा टाक, बीपीओ हेतराम बेनीवाल, फारूक कोहरी आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संचालन एवं प्रबंधन में कैलाश तवर, विनीत पुरोहित एवं तुषार पवार का सहयोग रहा।
ये हुए सम्मानित
आरसीएच इंडिकेटर्स में उत्कृष्ट योगदान के लिए उपस्वास्थ्य केंद्र भुट्टों का कुआँ, मलकीसर छोटा, अथाना जोहड़, मयासर, कोडमदेसर, भरूपावा, बांगडसर, 5 पीएचएम, सीएचसी कक्कू तथा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फोर्ट डिस्पेंसरी की महिला स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित किया गया।
विशेष योगदान श्रेणी में गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. जुगल किशोर छाबड़ा, ब्लॉक सीएमओ बीकानेर एवं कोलायत डॉ. सुनील जैन, जेएसए मनीष गोस्वामी, सहयोगी संस्थान जपाईगो के प्रतिनिधि जीवराज सिंह और रियायती दरों पर सोनोग्राफी सेवाओं के लिए बजरंग डायग्नॉस्टिक सेंटर नोखा को सम्मानित किया गया।




