बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।

“हंस चढ़ी मां आई भवानी रे, सहाय करे सब देश की…मां नागणेचेजी की अरदासन करने और उनसे होली की अनुमति मांगने के बाद शहर में होली का आगाज सोमवार देर रात को हुआ। रियासत कालीन परंपरा के अनुसार बीकानेर में शाकद्वीपीय मग ब्राह्मण समाज नागणेचेजी मंदिर में मां के चरणों में इत्र और गुलाल अर्पित करने साथ ही गुलाल उछालते हुए होली की अनुमति प्राप्त करते है। उसके बाद देर रात को गेर निकाल कर शहर में होलका का आगाज किया जाता है।

भाई बन्धु ट्रस्ट महामंत्री नितिन वत्सस ने बताया कि सोमवार को समाज के गणमान्य लोगों ने शाम ढलते ही भजनों के साथ माता के चरणों में धोक लगाई और भजनों-गीतों की प्रस्तुतियों से मां को रिझाया। कलाकारों ने “पन्नो रे मारी जोड़ रो रे बीकोण रो बासी रे, जोधाणूं सु बीज है मंगाए प्रेमरस री मेहंदी राचडली, जयपुर में बाजार में पड़ियो प्रेमजी बोर सहित गीतों से सभी को मंत्रमुगद कर दिया। मंदिर प्रांगण में पुजारी राजेश सेवग और सुरेश सेवग ने सभी भक्तो को गुलाल का टीका लगाया। गुलाल उछालकर बीकानेर शहर में होली का विधिवत आगाज किया।
भजनों की प्रस्तुति में शाकद्वीपीय समाज के सुशील सेवग उर्फ लालजी,विष्णु सेवग,सीताराम सेवग,मनमोहन सेवग,नितिन वत्सस,पवन सेवक,अरविंद सेवग, आशीष सेवग, चंद्र शर्मा,नीलेश शर्मा, राजा सेवग, के साथ साथ मरुनायक मंडल के सदस्यो ने भागीदारी निभाई। जिसमे मुख्य रूप से गेवर चंद भादाणी, अजय कुमार देराश्री,दारसा जोशी,बलु जोशी, महेश गज्जानी, मास्टर, नगाड़े पर रामजी सेवग, चिराग सेवग ने संगत की| इस अवसर पर समाज के गणमान्य जन मौजूद थे
उसके बाद देर रात को गोगागेट से शाकद्वीपीय समाज द्वारा गेर निकाली गई जो बागडियो के मोहल्ले से होते हुए रामदेव मंदिर, चाय पट्टी से बड़ा बाजार बैदो का चौक, मरुनायक चौक, होते हुए सेवगो के चौक में सम्पन्न हुई। खेलनी सप्तमी के अवसर पर समाज द्वारा सामूहिक प्रसादी का आयोजन किया गया।






